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Feb 25, 2010

माँ का आचल-1


दिहाड़ी मजदूरी करने वाली एक औरत ,एक माँ की ये लघु कहानी है |
आजकल के समाज में अक्सर देखा गया है कुछ निठल्ले ब्यक्ति होते है |
जो काम के नाम पर घर में बैठ कर ताश खेलना ,बेकार के काम लगा रहना |
सबसे अहम् बात यह भी है की अगर आप उनसे कोई काम की बात करें ,
तो वो इतना ब्यस्त होते है की समय बिलकुल नहीं होता
ऐसे बिना काम के ब्यस्त रहने वाले लोगों के पास |
और ऐसे लोगों से दुनिया भरी पड़ी है |

कुछ ऐसा ही घटना जो मेरे मानस पटल पर चित्रित हो रहा है ,आज आपके समक्ष रख रहा हूँ |
दिन भर कमरतोड़ मेहनत करने के बाद घर में घुसते ही
निठल्ले बैठे उनके पति कहते है ---अरे सुनो आज दिहाड़ी तो मिल ही गया होगा,
चल जल्दी से बीस रुपैये का नोट निकाल , इंतज़ार में मैं कब से बैठा पडा हूँ
मालूम है न कई दिन हो गए कंठ सुख रहा है |
अध्धा या पौआ कुछ तो ले आऊं, बेचैन हो रहा हूँ |


पत्नी के कान में जैसे ही ये आवाज आई, वो बुदबुदाने लगी और बोली ---
निठल्ला खुद तो दिन भर कुछ करता नहीं है और आ गया मांगने |
और फिर बोल पड़ी-------- नहीं है मेरे पास रुपैये तुम्हे देने के लिए |
इतना सुनते ही पतिदेव का पौरुष शक्ति जाग पड़ी और फिर से जोर से चिल्लाकर बोला--------
अरे सुनाई नहीं दिया तुम्हे ----जल्दी निकाल वर्ना ??
पत्नी फिर से बोल पड़ी--------बोली न नहीं है मेरे पास |


इसके बाद वो गुस्सा से आगबबुला होकर वो सामने आकर बोला-------------
देख चुपचाप रुपैये निकाल ----वरना घुस्सा मरकर अधमरा कर डालूँगा -----
दिमाग मत ख़राब कर मेरा-------अब जल्दी निकाल------|
चल बीस नहीं तो दस ही निकाल |इतने में ही काम चला लूंगा |
पत्नी बोली-------- नहीं है मेरे पास दस रुपैये |
इतना सुनते ही घुस्से और लात अपनी पत्नी पर बरसाने लगा
और रात भर वो मर्दांगी अपने दिन भर की मेहनत करके आई पत्नी पर दिखाता रहा |


सुबह हुई उनके घर में एक छोटा सा बच्चा
जो डरा सहमा हुआ माँ की गोद में आया और बोला-----------
माँ---माँ -- आज फिर मेरी स्कुल में पिटाई होगी
क्यूंकि किताब के लिए रुपैये नहीं होगा देने के लिए |
कल ही मैडम ने रुपैये लेकर आने के लिए बोला -------नहीं तो पिटाई की बात कही है |

माँ ने बेटा को बड़े प्यार से अश्रु आँख में लिए-------
और खुश होकर बोली------ बेटा तुम्हारी स्कुल में मार न खानी पड़े
इसलिए तो मैं सारी रात तेरे बात से मार खाती रही |

फिर ब्लाउज से बीस रुपैये निकालकर ----- अपने बेटे को दिए |
बच्चे ने अपनी माँ की ओर देखा और गले लगा लिया |
ऐसे होते है भारत जैसे विशाल देश की विशाल ह्रदय वाली माँ |

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