" "यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बीमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या इलाज के लिए नहीं है , यह उत्पाद सिर्फ और सिर्फ एक पौष्टिक पूरक के रूप में काम करती है !" These products are not intended to diagnose,treat,cure or prevent any diseases.

Mar 16, 2014

केजरीवाल का काला सच ??

आम आदमी के संजोयक केजरीवाल आज ऐसे मेहमान ढूंढ रहे है जो इनके साथ बैठकर दस हजार, बीस हजार रुपैये का खाना खा सके ! इस राजनीती में आम आदमी कहाँ बचा है ? केजरीवाल के राजनीती का ये काला चेहरा है जो लोगों के सामने आ रहा है ! दिल्ली की चुनाव जितने के बाद केजरीवाल ने कहा जीत किसकी हुई है - यह आम आदमी की जीत है , जनता बिच में जायेंगे और उनकी सेवा करेंगे ! वो केजरीवाल कहाँ खो गया ? चुनाव से पहले नागपुर के चमचमाते होटल में जब हजारी प्लेट बिछाई जायेगी तो केजरीवाल का विश्वास उन पाखंड के सामने सर झुकाये खड़ा होगा ! आम आदमी की राजनीती जब रईस के रुपैया खरीद...

Feb 21, 2014

"जान बचे तो लाख उपाय, लौट के झूठे घर को आय "

दरअसल आम आदमी पार्टी की राजनीतिक नीव ही झूठे व लोक लुभावने वायदे से हुई ,जो तर्कसंगत नहीं थे ! आम लोगों की धरना थी की टीम केजरीवाल अन्य पार्टी से अलग काम करेंगे ! जैसा की उन्होंने अपनी एजेण्डे में शामिल किया था ! आम आदमी पार्टी की उम्मीद से कहीं ज्यादा राज्य चुनाव में जीत हासिल की ,अप्रत्यासित जीत के बाबजूद उन्हें बहुमत नहीं मिली परन्तु बिना शर्त काँग्रेस ने समर्थन दिया , फिर रायसुमारी जनता के बिच और ना जाने क्या क्या ड्रामेबाजी किये गए अंततः केजरीवाल साहेब ने जनता पर अपना अहसान जताया और मुख्यमंत्री बनने पर राजी हो गए ! सरकार बनाने और चलाने के...

Jan 21, 2014

केजरीवाल का कुचक्र , लुटिया डुबोने पर उतारू !

लगता है दिल्ली की राजनीती में जैसे कबड्डी मैच चल रही हो ! एक तरफ टीम केजरीवाल जो आम आदमी पार्टी के संस्थापक और वर्त्तमान मुख्य मंत्री जी है और सामने प्रतिद्विंदी दिल्ली की पुलिस है और रेफरी यहाँ के केंद्रीय गृह मंत्री सुशिल कुमार शिंदे है ! मैच का परिणाम चाहे जो भी हो जनता की हार हर हाल में सुनिश्चित नजर आ रही है ! जनता अब क्या करें? कहाँ जाएँ ? अपनी दुखड़ा किसके पास लेकर जाये? क्योंकि केजरीवाल जी भूल चुके है की वही यहाँ के मुख्यमंत्री है ! परन्तु व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर अनायास आन्दोलन की कोई खास जरुरत यहाँ नजर नहीं आ रही है ? पहले यहाँ के...

Dec 25, 2013

सकारात्मक व रचनात्मक राजनीति आम आदमी की प्राथमिकता हो तो बेहतर ?

तक़रीबन दो हप्ते से चल रही ड्रामा अब क्लाइमेक्स तक पहुँच चुकी है ! कल हाई वोल्टेज ड्रामा आम आदमी पार्टी के अंदर भी देखा गया ! दिल्ली की जनता को शायद इस तरह का ड्रामा कि उम्मीद कम से कम आम आदमी पार्टी के विधायक से नहीं थी ! परन्तु मंत्री पद नहीं मिलने के कारण विनोद कुमार बिन्नी ने जिस तरह से अपना तेवर दिखा कर मीटिंग से भागे बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण और आम आदमी पार्टी पर एक दाग जरुर लगा दिया ! अब चाहे इसके लिए AAP के लोग कोई भी सफाई दे परन्तु जो कुछ भी हुआ इससे यह साबित हो जाती है कि AAP के भी अंदर सबकुछ ठीक नहीं है ! ईमानदारी और नैतिकता की ढिंढोड़ा...

Dec 21, 2013

"आम आदमी पार्टी " की वायदे और इरादे !

आम आदमी पार्टी की मनोदशा आज ठीक उस कहाबत को सपष्ट करती है जैसे " अधजल गगरी छलकत जाय" ! अरविन्द केजरीवाल और उनके टीम खुद के बनाये गए चक्रब्यूह में उलझते जा रहे है ! अमर्यादित भाषा का प्रयोग तो जैसे उनकी रोजमर्रा की बात हो गई है ! आम आदमी पार्टी के लोगों से दिल्ली की जनता कम से कम दूसरे नेता से जरुर अलग सोच रखते है ! लेकिन कुमार विस्वास जिस तरह से उजुल-फिजूल व्यानबाजी करते है उनसे तो यही लगता है कि "AAP" सरकार बनाने से बचना चाहते है ! क्यों नौटंकी करके आम जनता को बेबकूफ बनाना चाहती है ? केजरीवाल जी को समझना चाहिए कि वो वही जनता है जिन्होंने कोंग्रेस...

Dec 15, 2013

ये पब्लिक है सब जानती है !

दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की अप्रत्यासित परिणाम राजीनीति में नए आयाम लेकर आई है ! यह निश्चित रूप से स्वागत योग्य है ! परन्तु समझना होगा कि यह साल भर पहले तैयार हुई नई पार्टी कि जीत नहीं है बल्कि अन्ना ने जो सामाजिक और संसदीय प्रणाली में परिवर्तन के लिए लगातार आंदोलन व अनशन करते रहे और आज भी वो डटे हुए है, उन्ही का नतीजा है ! दरअसल अण्णा के प्रति देश भर में लोगो का विश्वास बीते साल एक जनसैलाव के रूप में देखा गया !दिल्ली में आम आदमी पार्टी कि उम्मीद से ज्यादा परिणाम निश्चित रूप से अण्णा के प्रयास का ही फल है ! भ्रष्टाचार विरोधी कानून...

May 4, 2013

क्या हिंदुस्तान सिर्फ रुदालियों का देश है ? पाकिस्तान की जंगली कबीलाई सोच !

सरबजीत की साँसों की डोर टूट गई, उसकी धड़कन बंद हो गई ! छे दिन से पूरा हिंदुस्तान जो दुआ मांग रहा था दुआ अधूरी रह गई ! आधी रात के बाद जब देश गहरी नींद में था तभी पाकिस्तान से एक मनहूस खबर आई, खबर सरबजीत की मौत की ! लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक रात डेढ बजे दिल का दौरा पड़ने से सरबजीत की मौत हो गई ! जाहिर है मौत को कोई तो नाम देना था सो दे दिया दिल का दौरा और ये खुद पाकिस्तान भी जानता है की सरबजीत मरा नहीं बल्कि पाकिस्तान ने ही उन्हें मार डाला वो भी बेहद जालिमाना तरीके से ! पिछले ही हफ्ते 26 अप्रैल को लाहौर के कोर्ट में सरबजीत...

Jan 30, 2013

पाकिस्तान की नापाक सोच !!

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो ......... पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मालिक का शाहरुख़ खान का सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर करने के पीछे उनका मकसद क्या है ? क्या नसीहत देना चाहते है रहमान मालिक ? नसीहत अगर देना ही तो वो अपने देश में पनाह दे रहे आतंकी संगठन पर दे, जिन्हें वो अपने सरजमीं पर हरेक नुकड़ व चौराहे पर दुकान की तरह चला रहे है ! पाकिस्तान की हालत दिन व दिन बद से बदतर होता चला जा रहा है , उन्हें सहारे की जरूरत है ! परन्तु वैशाखी के सहारे चलने वाले ये आतंकी देश क्या अपने देश के नागरिक को सहारा देगा ? लोगों...

Dec 30, 2012

आत्ममंथन :- एक और महाभारत ( अंतर्मन )

आज की घटना से सम्पूर्ण राष्ट्र शर्मशार हो गई है ! वहशी व दरिन्दे लोगों की हरकत ने देश को कलंकित कर दिया ! आखिर इस तरह के रेप की घटना बार-बार क्यों होती है ? क्या कोई इसके गहराई तक जाने का प्रयास किया ? रेप घृणित कार्य का ही पर्याय है ! आखिर इतने बेख़ौफ़ होकर ये लोग मौज मस्ती के नाम पर किसी भी लड़की के साथ जबरदस्ती कुकर्म कर डालते है ! क्या है मानसिकता ?कौन है ऐसे लोग? क्या वो अपने ही समाज के लोग है या वो दूसरी दुनिया से आये हुए है ? है कोई जबाब ? कोई जबाब नहीं है ? जबाब होता तो इस तरह की घटना पुनरावृति कभी नहीं होती परन्तुं यहाँ बारम्बार हो रही...