" "यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बीमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या इलाज के लिए नहीं है , यह उत्पाद सिर्फ और सिर्फ एक पौष्टिक पूरक के रूप में काम करती है !" These products are not intended to diagnose,treat,cure or prevent any diseases.

Apr 7, 2010

फर्जी डॉक्टर से साबधान रहे ( Aloe Vera your's family doctor )

डॉक्टर और मरीजों के बीच आज दुरी और अविश्वास इस कदर बढ़ा हुआ है की लोग हैरान परेशान रहते है |
डॉक्टर की ना तो पहले वाली भाषा रही ना ही वो सम्बन्ध जिसके लिए उन्हें भगवान् का दर्जा दिया जाता है |
इन सबके पीछे सिर्फ और सिर्फ वो खुद ही जिम्मेदार है |


सरकारी अस्पताल के डॉक्टर आज राजनेताओं की कठपुतली बन गई है ,जैसा वो चाहते है वैसा ही वो करते है जिसके वजह से समाज में उनकी गिरती छवि साफ़ नजर आ रही है |
दवा कम्पनी के प्रलोभन में आकर चिकित्सक उन कम्पनी की महँगी दवा मरीजों को लिखते है ,जिसकी पूर्ति कम कीमत की दवा से भी हो सकती है |


डॉक्टर समाज के एक कुलीन मनुष्य की श्रेणी में आते है ,लेकिन इस तरह से वे अपने आपको ही गन्दा कर रहे है |
आज दुःख होता है जब देवता का दर्जा पाने वाले चिकित्सक को दानव के रूप में देखा जाता है |
इस स्थिति के लिए वे कहीं ना कहीं स्वयं ही कसूरवार है |


डॉक्टर अपनी मूल कर्तव्य को भूल कर अक्सर वो मरीजों की आर्थिक हालात को मद्देनजर रखकर उनका इलाज करते है |
मतलब आर्थिक हालात मरीजों की डॉक्टर के लिए पहली प्राथमिकता होती है |

आज हर गली के नुक्कड़ पर एक डॉक्टर का तख्ता नजर आता है | उनके पास पर्याप्त प्रमाण पत्र नहीं होता है जिससे की वो मरीजों को उचित इलाज कर सकें | ऐसा लगता है जैसे साग सब्जी की दूकान है ,कहीं भी रेड़ी लगा दो चलना तो है ही |


जब तक देश में गरीबी और बेरोजगारी पर अंकुश नहीं लगेगी ,तबतक ऐसे झोले छाप डॉक्टर की रेड़ी फलती-फूलती ही रहेगी |
मरीजों की अज्ञानता और निरक्षरता के वजह से आज ऐसे नुक्कड़ के डॉक्टर की दुकान चमक रही है |
कई तो डॉक्टर के पास थोड़ी बहूत जानकारी हासिल कर ली और लगा दी कहीं और जगह जाकर अपनी रेड़ी |

दरअसल उन्हें मरीजों से कोई लेना देना नहीं है वो तो अपनी जेब भरने के लिए मरीजों की जान भी आफत में डाल देते है | ऐसे डॉक्टर के करतूत से कई बार मरीजों को आर्थिक और मानसिक रूप से भारी कीमत चुकानी पड़ती है |


कबतक हम ऐसे पेशेवर लोगों के चंगुल में फंसते रहेंगे ? जिन्होंने डॉक्टर के पेशा को ही बदनाम कर दिया है |
जहाँ डॉक्टर के नाम से इज्जत और प्रतिष्ठा मिलती है ,वहाँ आज रोज गली के आसपास झोले छाप से लड़ते रोगी भी मिल जाते है |
कारण साफ़ है मानसिक कमजोरी , अज्ञानता , मरीजों और बिमारियों के बारे में जानकारी का आभाव , विचारों में दरिद्रता ये सब के सब झोले छाप में मिलता है |


पर क्या सरकार और डॉक्टर का संघ इसके बारे में कुछ नहीं कर सकती है ? क्या मालूम नहीं है सरकारी तंत्र को , किस तरह से तख्ता लटकाए हुए डॉक्टर गली,चौराहे पर अपनी दुकान सजाये हुए है | हमारी जागरूकता ही ऐसे गली चौराहे में मौत बेच रहे डॉक्टर से बचा सकती है |

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ताऊ .इन

Apr 6, 2010

Aloe Vera (एलोवेरा व घृतकुमारी की औषधीय महता )


आज का युग विकाश युग है | जहाँ आबादी निरंतर घनी से घनी होती जा रही है | जहाँ जंगल हुआ करते थे आज वहां बहुमंजिला इमारत ,एवम खुबसूरत व्यव्शायिक केंद्र बन गया है | पहले शुद्ध हवा एवम जल मिला करता था पर आज हमारी खुद की कर्मों के वजह से दूषित हवा तथा जल हमें पुरूस्कार स्वरुप मिल रहा है |


दरअसल वर्तमान में होने वाला विकास पेड़-पौधों के विनाश की कीमत पर है | किसी ज़माने में अनेक प्रकार के दिव्य वनस्पतियाँ भारत में यहाँ-वहां कदम-कदम पर बिखरी पड़ी थी ,वहां आज वे सभी लुप्त है | और जो हमारे आसपास है तो उनकी दिव्यता की जानकारी नहीं है |


अमृत का नाम सुनते है मस्तिस्क में एक ऐसी काल्पनिक दृश्य उभर कर आती है जो जरा सी बूंद भर और मृत्यु को दूर कर व्यक्ति को अक्षय यौवन और अमरता प्रदान करने की क्षमता रखता है |एक ऐसा पेय पदार्थ जो मनुष्य को ओजस्वी ,तेजस्वी बना दे | उनमे इतनी रोग निवारण क्षमता बढ़ा दे कि बड़े से बड़े रोग भी उनके सामने घुटने टेक सके |


वे व्याधियां जो स्वाभाविक रूप से सभी को सताती है ,उनमे बुढ़ापा प्रथम है | वृधावस्था में सभी इन्द्रियों का कार्य क्षमता घट जाता है , इसका निराकरण करने के लिए औषधियां है ,अगर मनुष्य इस औषधि का प्रयोग अपने जीवन में करें तो पुनः वो सब कुछ प्राप्त कर सकता है जिससे बढ़ते उम्र में भी शारीरिक और मानसिक रूप से सदा युवा नजर आयेंगे |

अमृत कि चाह सभी को रही , चाहे सुर हो, असुर हों अथवा नर हों | देवासुर संग्राम के बारे में सभी जानते है | यह संग्राम ही "अमृत" पर अधिकार के लिए हुआ था | दरअसल अमृत का अविष्कार इसलिए किया गया था कि इसका प्रयोग करें तथा जरा और व्याधि से मुक्त होकर जियें | लेकिन यह देव मात्र का पेय बन गया है | यह इतना प्रसिद्ध है कि आज तक हम सब चाहते है कि काश | हमें भी अमृत का एक बूँद ही मिल जाये,लेकिन दुर्भाग्य | समय के फेरबदल में अमृत का प्रयोग कालकवलित हो गया |

हमारे बिच एक ऐसा औषधि है जो इस धरती पर अमृत सामान है | यह वो पौधा है जो आज विश्व के प्रत्येक भाग में पाए जाते है | और जिसके उपयोग से 220 प्रकार के बिमारियों में लाभ होता है | जिसका नाम है Aloevera , घ्रित्कुमारी,ग्वारपाठा, कुमारी,क्वारगंदल ,घी ग्वार इत्यादि | एलोवेरा में चमत्कारी गुण के कारण ही आज के युग का अमृत माना जाता है |




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ताऊ .इन

Apr 4, 2010

सफलता के लिए दृढ आत्मविश्वास का होना नितान्त आवश्यक है |



सफलता का मूल मन्त्र अपने जीवन के उद्देश्य को जानना और उसे प्राप्त करने के लिए दृढ आत्मविश्वास रखना यही सफलता की ओर पहला कदम है|
यह अदम्य विचार कि मैं अवश्य सफल होऊंगा और उस पर पूरा विश्वास ही सफलता पाने का मूल मन्त्र है | याद रखिये विचार संसार की सबसे महान शक्ति है यही कारण है की सफलता पाने वाले लोग पूर्ण आत्मविश्व रखते हुए अपने कर्मों को पूरी कुशलता से करते है ,दूसरों की सफलता के लिए भी वे सदा प्रयत्नशील रहते है |

प्रत्येक विचार,प्रत्येक कर्म का फल अवश्य मिलता है अच्छे का अच्छे ओर बुरे का बुरा | यही प्रकृति का नियम है | इसमें देर हो सकती है पर अंधेर नहीं | इसलिए आप सफल होना चाहते है तो अच्छे विचार मन में रखिये , सद्कर्म करिए और जरुरतमंदो की निःस्वार्थ भाव से सहायता तथा सेवा करिए | मार्ग में आने वाली कठिनाइयों,बाधाओं,ओर दूसरों की कटु आलोचनाओं से अपने मन को अशांत न होने दीजिये |

जब अपनी समस्या न सुलझे जब कोई अपनी समस्या को हल न कर सकें तो उसके लिए सबसे अच्छा तरीका एक ऐसे ब्यक्ति की खोज करना है जिसके पास उससे भी अधिक समस्याएँ हों ओर तब वह उन्हें हल करने में उसकी उसकी सहायता करें | आपकी समस्या का हल आपको मिल जायेगा | चौंकिए मत, इसे आजमाइए |

लोगों में अंधविश्वास सफलता के लिए बहूत बड़े बाधक सिद्ध होता है | मनुष्य जीवन पर्यन्त इस अज्ञानपूर्ण अंधविश्वास से चिंतित रहता है की कहीं उसे कोई धोखा न दे जाए | उसे वह ज्ञान नहीं होता की मनुष्य को स्वयं के सिवाए कोई दूसरा धोखा नहीं दे सकता,वास्तव में वह अपने ही मोह और भय के कारण धोखे में फंसता है |

हम भूल जाते है की एक परमशक्ति भी है जो सदैव हर ब्यक्ति के साथ रहती है | जब कोई ब्यक्ति किसी से कोई समझौता या अनुबंध करता है ,तो यह परमशक्ति अदृश्य और मौन रूप में एक साक्षी की तरह उपस्थित रहती है | हम इस दुनिया को धोखा दे सकते है पर इस अदृश्य शक्ति को नहीं |

इसलिए जो ब्यक्ति दूसरों को धोखा देकर या उसका शोषण करके सफलता या धन प्राप्त करना चाहता है उसे अंत में भयानक परिणामों को भुँगातना पड़ता है |
यही कारण है की संसार के सभी संतो और महापुरुषों ने निःस्वार्थ कार्य करने पर बल दिया है
|

"समय की पावंदी में ही जिवन की सफलता का रहस्य निहित है |
आप समय की कद्र करेंगे तो समय आपकी कद्र करेगा |"



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ताऊ .इन

Apr 1, 2010

कैसे प्राप्त करें तेजस्वी संतान ?

हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर आधारित है | मानव जीवन को पवित्र व मर्यादित बनाने के लिए संस्कारों का निर्माण किया गया है |

भारतीय ऋषि-मुनियों की यह धारणा रही है की प्रत्येक व्यक्ति यदि स्वयं को संस्कारवान कर ले तो पूरा समाज सुसंस्कृत और शिष्ट हो जाएगा |
हिन्दू संस्कारों की इस सन्दर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका है |संस्कार का अर्थ है मन-वाणी और शरीर का सुधार |
धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी हमारे जीवन में इन संस्कारों का विशेष महत्व है |

हमारे धर्मशास्त्र में मुख्य रूप से 16 संस्कारों की व्याख्या की गई है इनमे सर्वप्रथम गर्भाधान और मृत्यु उपरांत अंत्येष्टि अंतिम संस्कार है | विभिन्न धर्मग्रंथों में संस्कारों के क्रम में थोडा बहूत अंतर है लेकिन प्रचलित संस्कारों के क्रम में गर्भाधान,पुंसवन,सिमन्तोनयन,जातकर्म,नामकरण,निष्क्रमण,अन्नप्राशन चूडाकर्म,विद्यारंभ,कर्णवेध,यज्ञोपवीत,वेदारंभ,केशांत,समावर्तन,विवाह तथा अंत्येष्टि ही मान्य है |

शास्त्रों में मान्य सोलह संस्कारों में गर्भाधान पहला है | गृहस्थ जीवन में प्रथम प्रवेश के उपरान्त प्रथम कर्तव्य के रूप में इस संस्कार को मान्यता दी गई है | गृहस्थ जीवन का प्रमुख उद्देश्य श्रेष्ठ संतानोत्पति है | उतम संतान की इच्छा रखने वाले माता-पिता को गर्भाधान से पूर्व अपने तन-मन की पवित्रता के लिए यह संस्कार करना चाहिए | गर्भाधान से विद्यारंभ तक के संस्कारों को गर्भ संस्कार भी कहते है | इनमे पहले तीन( गर्भाधान,पुंसवन,सिमंतोनयन ) को अंतर्गर्भ संस्कार तथा उसके बाद के छह संस्कारों को बहिर्गर्भ संस्कार कहते है |

गर्भस्थ शिशु के समुचित विकास के लिए यह संस्कार किया जाता है | गर्भधान संस्कार के लिए रात्रि को ही उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इस समय सारी प्रकृति शांत होती है | सहवास में मानसिक एकाग्रता बनी रहती है | गर्भाधान के समय पति-पत्नी दोनों शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध व पवित्र हों ,जिसके फलस्वरूप आने वाला शिशु संस्कारवान होगा | इसके लिए सर्वप्रथम माता-पिता का सुसंस्कारी होना अति आवश्यक है |

पति-पत्नी एकांत मिलन में वासनात्मक मनोभावों से दूर रहते हुए मन ही मन आदर्शवादी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शरीर से प्राथना करते रहें , दोनों मनोभूमि यदि आदर्शवादी मान्यताओं से भरी हुई हो तो मनचाही संतान उत्पन्न की जा सकती है | गर्भाधान के समय में अगर किसी एक में भी भय,लज्जा या अपराध का भाव रहेगा तो उसका प्रभाव संतान पर अवश्य होगा , ऐसी मान्यता है | अतः भय,लज्जा युक्त होने और सहवास के लिए तैयार न होने की स्थिति में गर्भाधान नहीं करना चाहिए |

गर्भ ठहर जाने पर भावी माता के आहार,आचार,व्यवहार,चिंतन भाव सभी को उतम और संतुलित बनाकर अनुकूल वातावरण निर्मित किया जाए | गर्भ के तीसरे माह में शिशु के विचार तंत्र का विकास प्रारंभ हो जाता है |

गर्भ का महत्व को समझें ,वह विकासशील शिशु माता-पिता ,कुल-परिवार तथा समाज के लिए आदर्श बने सौभाग्य और गौरव का कारण बने | माता के गर्भ में आने के बाद से गर्भस्थ शिशु को संस्कारित किया जा सकता है |


महाभारत काल में अर्जुन द्वारा सुभद्रा को चक्रव्यूह की जानकारी देने और गर्भस्थ शिशु अभिमन्यु उसे ग्रहण करके सीखना एक उदाहरण है जिससे गर्भस्थ शिशु के सिखने की बात प्रमाणिक साबित होती है मातृत्व एक वरदान है तथा प्रत्येक गर्भवती एक तेजस्वी शिशु को जन्म देकर अपना जीवन सार्थक कर सकती है | गर्भ संस्कार सही अर्थों में गर्भस्थ शिशु के साथ माता-पिता का स्वास्थ्य संवाद है |




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ताऊ .इन

Mar 31, 2010

Expert opinion About Aloe Vera Gel .

Twenty-year-old my friend Ravi was suffering from a chronic pile problem,despite twice operations.However,within three months of using Aloe Vera Gel and an Aloe Vera health drink ,he found relief.

Aloe Vera Gel worked wonders for 40-year-old Krishna singh,whose skin rash disappear after a few days of applying the gel.

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These are just two healing properties of Aloe Vera, a cactus-like plant,which at one time grew in hot fertile regions but is now being cultivated in most parts of the world . It belongs to the onion/garlic family. Though there are over 300 species of Aloe Vera plant ,the most potent is Aloe Barbadensis Miller.

 

Apart from being a natural moisturizer,the gel of this plant is extremely potent with 200 components and 74 known nutrients. This includes some of the B Vitamins like B-12 and 21 amino acids,iron,manganese,calcium,zinc minerals,enzymes,etc.

According to reports,this plant has a long list of medicinal and cosmetic properties. Today,Aloe Vera products like health drinks,antacids,moisturizers, cleansers,wound healing creams,etc, have flooded the market,says director of a pharmaceutical company manufacturing medicines and cosmetic products.” Aloe Vera is used extensively in beauty products like face creams and washes,anti-acne creams,scalp cleansers,etc.”

 

 

Dr. Mistry,a private allopathic practitioner in Mumbai , acknowledges Aloe Vera’s medicinal properties, and says “ I sometimes prescribe an Aloe Vera drink as a tonic to patient suffering from arthritis,diabetes and high cholesterol.

This is because when taken orally, Aloe Vera is like a dietary supplement that helps the body heal itself due to its anti-bacterial,anti-oxidant,anti-fungal and other properties. It boosts the immune system.” However, he emphasizes  the that Aloe Vera is not a medicine”

 

 

According to Jacqueline Ferreira of Holistic Health Centre ,Mumbai, Aloe Vera health drinks can be bought over the counter and consumed by everyone for overall good health. “ The prescribed dose is 60ml every morning on an empty stomach.

 

 

This can be increased to three or four times a day if one is suffering from diabetes,arthritis,gastric problems like colitis,etc. However, one should ensure that the product has the IASC ( International Aloe Science Council ) seal which makes it of international standard regarding its quality,” she warns.

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Says Dr. Arun Prasad,a well-known dermatologist of Nova Clinic,Kolkata,” We,as doctors,read many reports in the press about Aloe Vera and its benefits,but these reports are not confirmed in medical journals. Though I often prescribe Allure ( which contains Aloe Vera ) for dry skin, I cannot confirm that it is effective for treating stretch marks,pigmentation, wrinkles,etc .”

 

On the other hand ,Mumbai –based Dr.Anu Chetia,a naturopathy doctor who is an ayurvedic consultant and therapist,is vociferous ayurvedic preparations: “We have specially seen this Gel work on diabetics. There are patients who,after taking Aloe Vera- base d ayurvedic medicines,go back to the milder hypoglycaemic dosage ((oral drugs ) after having been on the strong insulin ( injections).

Research has shown that this Gel,which has a very small molecular structure,property, which in Ayurveda we call sharan tatw. This helps break down fat globules, so is also effective in reducing  obesity.”

 

The beauty industry swears by the cosmetic properties of Aloe Vera. According to renowned beautician.Shahnaz Husain. the healing properties of Aloe on the skin have been recognized since centuries. “ In the olden days,

 

soldiers used to carry Aloe plants to the field and apply the Gel on wounds as they recognized its property of increasing cell regeneration,speeding  healing and boosting the natural immune system .

 

Apart from its effects it is a very powerful moisturizer that help the skin to retain its moisture,and has been the base of a lot of our skin creams, especially cleansers and moisturizers for the last 35 years, for maintains the Delhi-based beautician |

Whether it’s used as a vital ingredient in beauty  products or is consumed as a dietary supplement,the used of Aloe Vera are manifold .

Mar 28, 2010

Aging And Longevity

Live long and feel better.
Longevity
is acquired when a series of factors come together, such as : acquired diet,exercise,low stress,well genetic, well being ,in addition to taking responsibility for all of the elements involved in good health.

aging of the skin and the cells in all the organs of the body is part of a natural process which is determined by the genes.

The Immune System plays a large role in this aging process with its operation center located in the thymus gland. When this gland begins to fail,the immune system of the body fails and organs are at the mercy of virus,bacteria,etc.

Nutrients that help keep the thymus healthy are Vitamin A,c,and E,along with the minerals zinc and selenium.

On the other hand,it is known that smocking and polluted air produce molecular crossings in cells and these are responsible for skin and tissue hardening which causes brittle and wrinkled skin.

The effect of molecular crossing is also produced by free radicals which tend to destroy and disintegrate cells,proteins,and tissues,as well as the heart of cells,the DNA,by oxidation.

Free radicals are produced by ultra-violet rays from the sun,by the normal metabolism of certain fats and by polluted air.

Free radicals affect cerebral cells causing of age diseases such as the loss of memory,depression,insomnia,sexual impotency,arteriosclerosis,etc.

Suggestions for increasing life and well-being:-

1. Consume Grains:- Grains are rich in proteins,minerals (calcium,iron,potassium,sodium,magnesium) and starches. Two types of grains exists:-

A. Cereal :- rice,corn,wheat and oats,and

B. Legumes:- (Rich in proteins) all types of beans –kidney,lentil,lima,garbanzos,soybeans and peas.

2. Consume Vegetables :- There are as many as 5 different types of vegetables :-leafy green, seed pod,flower,stalk and root.The intake of these vegetables should be varied in order to acquire the wide variety of vitamins and minerals that the body needs.

3.Consume fruits:- In addition to vitamins and minerals,these products contain monosaccharide sugars which are easily assimilated by the body. 

Fruit can be classified into three categories.

A.Juice :- Orange,grapefruit,lime,mandarin,lemon.

B. Pulp :- Banana,mango,papaya,strawberry,pineapple,watermelon,etc.

C. Endosperm:- Apple,pear,peach,apricot,plum,grape,guava,date,coconut,pomegranate, etc

Avocado has more calories than any other fruit. Papaya has the most proteins.

4. Consume tubers:- Potato and yams are the most common .These products are high in polysaccharide carbohydrates ( starches). The sugars in fruits and tubers provide the most important source of energy for the body.

Other vital elements for good health are :- Fiber and Fat .

“Nutrition is a very important factor for good health and longevity. A Semi-vegetarian diet is ideal for adding years of life since it contains a great number of vitamins,minerals and fiber.”

जीवन उर्जा का आधार है एलोवेरा ( ग्वार पाठा)

'पहला सुख निरोगी काया ,सदियों रहे यौवन की माया'

आपके परिवार को डॉक्टर या दवाई की नहीं एलोवेरा की जरुरत है | एलोवेरा जेल जब कोई बीमार पीता है तो स्वास्थ्य होने में मदद करता है | एलोवेरा जेल जब कोई स्वस्थ्य पियेगा तो बिमारी ही नहीं होगा | हजारों लाखों रुपये बीमारी के इलाज पर खर्च करने से कई गुना बेहतर है कि बीमारी होने के कारण का ही शरीर से बहार निकालने का प्रयास किया जाय |घर बैठे, खाते-पीते,हँसते-खेलते अपनी व अपने परिजनों की समस्त बिमारी के कारणों आप स्वयं ही ख़त्म कर सकते हो |

नई या पुरानी,साधारण या भयंकर ,या कैसी भी बीमारी हों कहीं की भी बीमारी हों | एलोवेरा बीमारी के पैदा होने के मूल कारणों की ही शरीर से बहार निकलने में मदद करता है |एलो वेरा इस कारण नई नई बीमारियों को पैदा नहीं होने देता ,जिस प्रकार inf (3)वाहन को सर्विस कराते है | एलोवेरा शरीर को सर्विस करता है | नहाने से शरीर के बाहरी भाग की सफाई होती है | जिससे रोग पीड़ा दुःख दर्द तकलीफ परेशानी चिंता भय कष्टों से मुक्ति दिलाकर शरीर को तंदुरुस्त,बलवान,चुस्त,फुर्तीला निखार,रौनक ,ख़ुशी देता है |

इंसान को जिन्दा रहने के लिए मुख्य आवश्यकता है ------ हवा, पानी और भोजन |

१.हवा :- हवा दूषित है , धुल मिटटी ,धुंए से, कीड़े-मकोड़े,मक्खी-मच्छड मरने की दावा से,और कई कारणों से हवा दूषित होती है | कपडे भी रोज गंदे हो जाते है ,धो कर साफ़ करके पहना जा सकता है ,परन्तु हवा को कैसे साफ़ करे यह तो गन्दा ही लेनी पड़ती है |
२. पानी :- हम जो भी पानी पिटे है ,वह साफ़-स्वच्छ नहीं है | यह हम नहीं कह सकते है यह हमारा निगम आयुक्त कहता है कि हमारा पानी साफ़ नहीं है | उसे उबाल कर पियें और दवाइयां ,केमिकल मिला हुआ या गन्दा पानी हमारी मज़बूरी है | अर्थात पानी पूरी तरह से दूषित है |
३. भोजन :- वोभिन्न रासायनों से उपजाया गया ,कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया हुआ,विभिन्न रसायनों ,केमिकल ,दवाओं द्वारा तैयार किये गए फल,सब्ज्जी,डालें,आनाज,खाना हमारी मज़बूरी है, बाजार में कच्चा- पक्का बिना साफ़ किया तेल,मसाले,कच्चे गंदे पानी में साफ़ किया प्रदूषित वातावरण में तैयार किया गया खाना ,खाना हमारी मज़बूरी बनता जा रहा है |

हवा,पानी,भोजन दूषित होने के कारण शरीर में आवश्यक तत्व ( विटामिन,मिनरल,कैल्सियम,प्रोटीन,ग्लूकोज आदि ) कि कमी हो जाती है | यही कमी बीमारी कहलाती है ,यही बीमारी बढ़ते-बढ़ते विकराल रूप धारण कर लेती है ,अतः इसका नाम भी भयंकर रखा जाता है | जितना भयंकर नाम उतना ही बड़ा इलाज उतना ही बड़ा खर्च ( कभी-कभी तो बीमारी इतनी विशाल हो जाती है कि कोई दवा ही काम नहीं करती,डॉक्टर भी मजबूर लचर हो जाते है,अर्थात मौत का एलान )
एलोवेरा जेल शरीर की शानदार तरीके से सफाई धुलाई आवश्यक तत्वों की भरपाई कर देती है कि बीमारी को कहीं भी दुबने-छुपने का स्थान नहीं मिलता है इसका कारण बीमारी के पैदा होने के कारणों को मजबूरन शरीर से निकलना पड़ता है और नै बीमारी को पैदा होने कि जगह ही नहीं मिलती |

औषधियों का महाराजा एलोवेरा ( घ्रित्कुमारी ग्वारपाठा ) के नियमित सेवन से 220 प्रकार के बिमारियों से राहत पा सकते है जिनमे मुख्य निम्न है :-
जोड़ों का रोग गठिया ,साँस का रोग दमा, पेट का रोग गैस कब्ज़ ,उदर रोग , कमर दर्द,रक्त थक्का,मधुमेह,ह्रदय रोग,आँतों का रोग,उच्च/निम्न रक्त चाप मोटापा, भरी सिरदर्द,हाथों का कांपना,गुर्दे की बीमारी, त्वचा रोग,स्त्री रोग,नपुंसकता,पथरी जैसे खतरनाक बिमारियों में भी रहत देता है |
इसका सेवन करने से आँखों की रौशनी बढती है ,घुटनों के दर्द में ,खून साफ़ ककरने में,हकलाने में,दांतों की बिमारियों में,पेट की सभी बिमारियों में,बाल के झड़ने में,याददाश्त बढ़ने में ,वजन काम करने में या बढ़ने में बहूत फायदा देता है | गुटका, पान,बीडी,सिगरेट अथवा शराब का सेवन करने वालों को बहूत फायदा करता है |

एलोवेरा का सेवन करने वाला स्वास्थ्य और सौन्दर्य प्राप्त करेगा | इसका प्रचार प्रसार करने वालों को समाज में रोगों से मुक्ति के लिए एक सही कदम माना जायेगा जिसे लोग बेहतर जीवन स्तर, निरोग समाज में साँस ले सकेगा |

हमारी कंपनी का एलोवेरा विश्व के 142 देशों में जा रहा है और हम पिछले 32 साल से विश्व के सबसे बड़े एलोवेरा उत्पादक है | इसके पास दुनिया की महानतम प्रमाणीकरण सिलें भी है जो इसके शुद्ध होने की पहचान है |

Mar 27, 2010

फॉरएवर रोयल जेली (Forever Royal Gelly)

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आज मैं आपको अपने  एक उत्पाद के बारे में जानकारी देना चाहूँगा | जो शरीर के लिए बहूत ही उपयोगी है | फॉरएवर रोयल जेली जो किसी भी उम्र के लोग वतौर पोषक  पूरक ले सकते है | मुझे एक बात याद है ,एक मित्र ने मेरे से पूछा--- भाई क्या आप बता सकते है आपके कंपनी के   कौन सा उत्पाद सबसे  अच्छा और बहुपयोगी है | मैंने कहा -बहुत ही कठिन प्रश्न है | चलो एक बात बताता हूँ------------------------एक बार बिच्छू के बरात जा रहा था , मैंने एक बिच्छू से पूछा भाई एक बात बताओ ,तुम में से कौन है बिच्छुओं का सरदार ? एक बिच्छू ने तुरंत जबाब दिया , एक काम करो ,तुम हाथ लगा कर  देख लो | खुद ही पता चल  जायगा |
मेरे मतलब है की फॉर वेरा लिविंग प्रोडक्ट का स्थिरीकरण प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया जेल,और उनके पोष्टिक पूरक अपने आप में अद्वितीय है | इसका कोई मुकाबला नहीं हो सकता है |

क्या आप जानते है रोयल जेली प्रसिद्द रोमांस उपन्यासकार Barbara Cartland का मनपसंद पूरक आहार था ,जिन्होंने 500 से भी ज्यादा पुस्तकें लिखकर Guiness Book of World Record में अपना नाम दर्ज कराया है |
क्या है रोयल जेली ----------? नर्स मधुमक्खी मधुमक्खी छत्ते  में,दुधिया रंग के इस पदार्थ का निर्माण करती है | इस मूल्यवान रोयल जेली का निर्माण छोटे लारवा एवम रानी मक्खी के रखरखाव के लिए किया जाता है |

इस साधारण छत्ते में जैसे एक चमत्कारी रहस्य छुपा होता है | किसी एक मक्खी को रानी चुना जता है | अगले चार दिन वो पूर्ण रूप से बहुतायत  में रोयल जेली पर ही निर्भर होती है,एक ऐसा भोजन जिसका निर्माण मधुमक्खियों द्वारा सिर्फ  उसी के लिए तैयार किया जाता  है और जिसके सेवन से उसकी शरीर की संरचना में आमूलचूल परिवर्तन होते है और वो लगभग 6 साल तक जीवित  रह सकती  है | 

एक वोर्कर मधुमक्खी ,जो सिर्फ परागकणों और शहद पर निर्भर रहती है ,लगभग 6 सप्ताह तक जीवित रह पाती है | सबसे आश्चर्यजनक  तथ्य यह है की यदि आप रानी मक्खी के भोजन से रोयल जेली हटा दे तो वह भी 6 सप्ताह तक ही जीवित रह सकती है |

एक वोर्कर मधुमक्खी का जीवन चक्र 35 से 40 दिनों का होता है जबकि रानी मक्खी का 5 से 6 वर्ष का बेहद उर्वर जीवन होता है | एक बार प्रजनन के पश्चात रानी मक्खी अपने जीवन काल में प्रतिदिन 3000 से भी ज्यादा अंडे पैदा करती है | इससे भी ज्यादा अविश्वसनीय तथ्य यह है की ऐसा अगले पांच सालों तक करती रहती है |

इस पृथ्वी पर शायद ही कोई  जीव ऐसा करने की क्षमता या योग्यता रखता हों | इससे स्पष्ट है की जब बात आती है रानी मक्खी को पोषक तत्व , शक्ति और लम्बा जीवन प्रदान करने की तो ऐसे में रोयल जेली प्रकृति का सबसे अनूठा वरदान है |

रोयल जेली के भीतर 67% जल ,12.5% क्रूड प्रोटीन ( जिनमे विभिन्न प्रकार के एमिनो एसिड्स भी थोड़ी मात्रा में होते है,) 11% साधारण शुगर एवं 5% अच्छी प्रकार में फैटी एसिड पाए जाते है | इसमें में प्रचुर मात्र में प्रोटीन,लिपिड्स,विटामिन बी-1 ,बी - 2,बी -6,सी , इ ,हारमोंस,एंजायम ,खानिजीय  तत्व एवं गामा  ग्लोब्युलिन जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते है जो आपकी नैसर्गिक सुरक्षा प्रणाली को वायरल इन्फेक्सन वगैरह से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है | इसमें प्रचुर मात्र में फोलिक  एसिड एवं पन्टोथैनिक एसिड पाए जाते है |

फॉरएवर रोयल जेली एक शक्तिशाली एवं उच्च स्तरीय आहार है जो न सिर्फ हमारे शरीर को शक्ति प्रदान करता है वरन हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिये उत्तम भोजन है |

इस उत्पाद   को आप निम्नलिखित तरह के विमारियों में इस्तेमाल कर सकते है :- त्वचा के लिए ,बालों के लिए,घुटनों के दर्द के लिए, ट्यूमर के लिए,अल्सर,हाइपरटेंसन ,हाईकोलोस्ट्रोल, अस्थमा के लिए | यह उतपाद  किसी भी प्रकार के  शारीरिक एवं मानसिक  कमजोरी के लिए बहूत ही प्रभावशाली होता है | इसलिए इसे जवानी का फब्बारा भी कहा जाता है ( Fountain of Youth )

Mar 26, 2010

ग्वार पाठा (एलो वेरा) आपके सौन्दर्य का पहरेदार|

Aloe Vera Plant (copy)LogoStackedLeftNav

हम सबने अनुभव किया होगा कि रोगावास्था में चेहरा कांतिहीन ,मुरझाई  और त्वचा बेजान दिखाई देती है,जबकि स्वस्थावास्था में ऐसा नहीं होता |
जो लोग अच्छे खाने-पीने के बावजूद मानसिक चिंताओं,कुंठाओं,कि चपेट में रहते है उनकी त्वचा समय से पहले ही बुढ़ाने लगती है  उसपर कालिमा छाने लगती है और झुर्रियां पड़ने लगती है |

 

वास्तव में त्वचा हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की चुगली कर देती है | कई रोग है जिनका निदान त्वचा देखकर किया जाता है यानि सेहत त्वचा को प्रभावित करती ही  है | इन सारी बातों से तो यही समझा जा सकता है कि सुन्दर  दिखने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वास्थ्य होना अत्यंत आवश्यक  है |

लेकिन यह भी सत्य है कि जहां सुन्दरता का आधार स्वास्थ्य है,वही स्वास्थ्य का आधार सौन्दर्य होगा,यह आवश्यक नहीं है | कई ब्यक्ति सौन्दर्य होने के बावजूद सौन्दर्यवान नहीं होते और ऐसा होना उनकी परेशानी का सबब बन जाता है ,खासकर महिलाओं के लिए जो सौन्दर्य के प्रति विशेष जागरूक होती है |

 

शारीरिक सौन्दर्य में पहला स्थान चेहरे का होता है  | शरीर का यह ऐसा महत्वपूर्ण भाग है जो ब्यक्ति विशेष कि पहचान सुरक्षित रखता है | स्वस्थ,मुलायम,चमकदार और बेदाग़  त्वचा से युक्त  चेहरा सभी को भाता है |

 

ऐसी महिला आकर्षण का केंद्र होती है ,फिर चाहे त्वचा सांवली हो अथवा गौरवर्ण की | इसके विपरीत झाइयों,झुर्रियों,दाग-धब्बे युक्त चेहरा स्वाभाविक रूप से उतना आकर्षण नहीं लगता |

आदिकाल से  नारी अपन सौन्दर्य को बनाये और बढ़ाये रखने के उपाय करती रही है |

वैसे हमारे पास अनेकानेक एलो वेरा  आधारित उत्पाद है जो अंग विशेष और त्वचा को सुन्दर से सुन्दरतम बनाने की क्षमता रखती है |

 
इसीलिए  फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट ने ऐसे उत्पाद को बाजार में उतारा हुआ है जिसके फलस्वरूप शरीर को न केवल बाहरी तौर पर सौन्दर्य प्रदान करते है बल्कि आंतरिक तौर पर भी पुष्ट करने का काम करते है , इसके अलावा शरीर के अन्दर  छिपे हुए और परेशान कर रहे रोगों को नष्ट करने का काम भी करते है |
सबसे अच्छी  बात यह है की पुर्णतः आयुर्वेद तथा जड़ी-बूटी का होने से इनके कोई भी दुस्प्रभाव ( साइड इफेक्ट ) नहीं होते यानि लाभ ही लाभ ,नुकसान कुछ नहीं |

मसलन अगर आप किसी भी प्रकार के त्वचा सम्बंधित परेशानी का सामना कर रहे हो जैसे मुहांसे, त्वचा की ढीलापन,झाइयाँ,छाई ,काला  धब्बे  ,इत्यादि  |


कुछ महीने में आपके चहरे की रौनक ,सुन्दरता वापस आ सकती है | हमारे  फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट के उतपाद को अपना कर जो आपके शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है ----- १. एलो वेरा जेल  २. एलो एक्टिवेटर ३. एलो वेरा जेली ४. प्रोपोलिस क्रीम ५. एलो स्क्रब ६.  फेसिअल कीट भी है ---- जिससे आप प्राकृतिक तरीके से अपने चेहरा को फेसिअल घर में कर सकते है और आपके चेहरे की त्वचा के लिए बिलकुल वरदान सावित हो सकती है |