" "यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बीमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या इलाज के लिए नहीं है , यह उत्पाद सिर्फ और सिर्फ एक पौष्टिक पूरक के रूप में काम करती है !" These products are not intended to diagnose,treat,cure or prevent any diseases.
Showing posts with label स्वास्थ्य. Show all posts
Showing posts with label स्वास्थ्य. Show all posts

Oct 28, 2012

चाइनीज खाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक !!!

अजीनोमोटो (धीमा जहर) ::

सफेद रंग का चमकीला सा दिखने वाला मोनोसोडि़यम ग्लूटामेट यानी अजीनोमोटो, एक सोडियम साल्ट है। अगर आप चाइनीज़ डिश के दीवाने हैं तो यह आपको उसमें जरूर मिल जाएगा क्योंकि यह एक मसाले के रूप में उनमें इस्तमाल किया जाता है। शायद ही आपको पता हो कि यह खाने का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला वास्तव में यह धीमा जहर खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता बल्कि हमारी स्वाद ग्रन्थियों के कार्य को दबा देता है जिससे हमें खाने के बुरे स्वाद का पता नहीं लगता। मूलतः इस का प्रयोग खाद्य की घटिया गुणवत्ता को छिपाने के लिए किया जाता है। यह सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक होता है। जान लें कि कैसे-

* सिर दर्द, पसीना आना और चक्कर आने जैसी खतरनाक बीमारी आपको अजीनोमोटो से हो सकती है। अगर आप इसके आदि हो चुके हैं और खाने में इसको बहुत प्रयोग करते हैं तो यह आपके दिमाग को भी नुकसान कर सकता है।

* इसको खाने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। चेहरे की सूजन और त्वचा में खिंचावमहसूस होना इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

* इसका ज्यादा प्रयोग से धीरे धीरे सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और आलस भी पैदा कर सकता है। इससे सर्दी-जुखाम और थकान भी महसूस होती है। इसमें पाये जाने वाले एसिड सामग्रियों की वजह से यह पेट और गले में जलन भी पैदा कर सकता है।

* पेट के निचले भाग में दर्द, उल्टी आना और डायरिया इसके आम दुष्प्रभावों में से एक हैं।

* अजीनोमोटो आपके पैरों की मासपेशियों और घुटनों में दर्द पैदा कर सकता है। यह हड्डियों को कमज़ोर और शरीर द्वारा जितना भी कैल्शिम लिया गया हो, उसे कम कर देता है।

* उच्च रक्तचाप की समस्या से घिरे लोगों को यह बिल्कुल नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ और घट जाता है।

* व्यक्तियों को इससे माइग्रेन होने की समस्या भी हो सकती है। आपके सिर में दर्द पैदा हो रहा है तो उसे तुरंत ही खाना बंद कर दें।

* अजीनोमोटो की उत्पादन प्रक्रिया भी विवादास्पद है : कहा जाता है कि इसका उत्पादन जानवरों के शरीर से प्राप्त सामग्री से भी किया जा सकता है।

*अजीनोमोटो बच्चों के लिए बहुत हानिकारक है। इसके कारण स्कूल जाने वाले ज्यादातर बच्चे सिरदर्द के शिकार हो रहे हैं। भोजन में एमएसजी का इस्तेमाल या प्रतिदिन एमएसजी युक्त जंकफूड और प्रोसेस्ड फूड का असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है। कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि एमएसजी युक्त डाइट बच्चों में मोटापे की समस्या का एक कारण है।

इसके अलावा यह बच्चों को भोजन के प्रति अंतिसंवेदनशील बना सकता है। मसलन, एमएसजी युक्त भोजन अधिक खाने के बाद हो सकता है कि बच्चे को किसी दूसरी डाइट से एलर्जी हो जाए। इसके अलावा, यह बच्चों के व्यवहार से संबंधित समस्याओं का भी एक कारण है। छिपा हो सकता है अजीनोमोटो अब पूरी दुनिया में मैगी नूडल बच्चे बड़े सभी चाव से खाते हैं, इस मैगी में जो राज की बात है वो है Hydrolyzed groundnut protein और स्वाद वर्धक 635 Disodium ribonucleotides यह कम्पनी यह दावा करती है कि इसमें अजीनोमोटो यानि MSG नहीं डाला गया है। जबकि Hydrolyzed groundnut protein पकने के बाद अजीनोमोटो यानि MSG में बदल जाता है और Disodium ribonucleotides इसमें मदद करता है।

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से ! सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

May 6, 2012

उच्च रक्त चाप यानि साइलेंट किलर का इलाज जड़ी बूटी से ! आइये पढ़े !

इक्कीसवीं सदी के साइलेंट किलर का ख़िताब जिस बिमारी को जाता है वो है उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर | ब्लड प्रेशर व्यक्ति के जीवन के लिए वैसे ही जरुरी है जैसे किसी शहर को चलाने के लिए पानी का पाइप लाइन में प्रेशर | आपने सुना होगा कि अमुक व्यक्ति बहुत ज्यादा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और उसका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया है इसलिए बचने की उम्मीद कम है | यानि ब्लड प्रेशर कम हो जाना बेहद खतरनाक है | लेकिन हम बात कर रहे है हाई बीपी की | तो सबसे पहले जानते है की ब्लड प्रेशर है क्या ? रक्त जब धमनियों में प्रवाहित होता है तो धमनियों की दीवारों पर उसके घर्षण से जो दबाव उत्पन्न होता है उसे ब्लड प्रेशर कहते है | यानि बीपी नामक कोई बीमारी नहीं होती है बल्कि आम बोलचाल की भाषा में लोग हाई बीपी को 'बीपी' हो गया कहने लगते है | सामान्य बीपी :- व्यस्को में सिस्टोलिक बीपी 120 या उससे कम और डायस्टोलिक बीपी 80 या उससे कम सामान्य बीपी होता है | आजकल कई बार लोगों से सुनने को मिलता है कि ज्यादा उम्र में बीपी अपने आप ही बढ़ा हुआ रहने लगता है , परन्तु यह एक प्रकार कि भ्रान्ति है | यदि बीपी सिस्टोलिक 130 -140 या डायस्टोलिक 80 -90 की रेंज में आ जाए तो उसे प्रीहाइपरटेंसन कहते है | यानि बीपी सिस्टोलिक 140 से ज्यादा हो या डायस्टोलिक 90 से ज्यादा हो दोनो ही अवस्था में हाई कहलाएगा | खतरा .......यदि बीपी ज्यादा समय तक बढ़ा रहे और अनियंत्रित रहे तो धीरे-धीरे शरीर के अंगो को क्षति पहुँचने लगती है | इसका सबसे अधिक घातक असर होता है ह्रदय पर | ह्रदय की धमनियों को यदि लम्बे समय तक हाई-बीपी झेलना पड़े तो हृदयघात यानि हार्ट अटैक की आशंका कई गुना बढ़ जाती | इसी तरह लकवा होने की आशंका भी बहुत बढ़ जाती है | समय के साथ गुर्दों का फेल होने का डर भी रहता है जो की एक जानलेवा होती है | आँखों के पर्दे पर रक्त स्त्राव या सुजन हो सकती है | यानि शरीर के चार विशिष्ट अंगो को खतरा पैदा हो जाता है | कारण ........... कुछ ऐसी बीमारियाँ है जिससे बीपी बढ़ने का कारण आसानी से मालुम पड़ जाता है जैसे की गुर्दों में पथरी होना , गुर्दों फेल हो जाना या पेशाब की नली में रूकावट होना | थायराइड की बीमारी से भी बीपी बढ़ सकता है | लेकिन इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण है भोजन में नामक की अधिकता व तेल घी का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल और मोटापा, ये सभी बीपी को बढ़ जाने में छुपे हुए कारण है | लक्ष्ण.......... जैसा की शुरू में बताया गया है की यह एक साइलेंट किलर है , यानि हाई बीपी का अपना कोई विशेष लक्ष्ण नहीं होता है | कुछ मरीज सर-दर्द, थकन, सांस फूलने की शिकायत करता है लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं की जब सर-दर्द हो तो मान ले की बीपी बढ़ गया होगा और बस तभी दबा खा ले | कई मरीज तो 240 -120 होने पर भी आराम से घूमते रहते है | लेकिन यह बेहद खतरनाक होती है | क्या कोई स्थाई इलाज़ है ........अधिकतर मरीजों में ऐसी कोई एक बिमारी या कारण पकड़ में नहीं आता जिसका इलाज होने से उच्च रक्त चाप की समस्या स्थाई रूप से ठीक हो जाय | एलोपेथ में उच्च रक्त चाप का कोई स्थाई इलाज नहीं होता है | अगर कोई इलाज है तो वो है वैकल्पिक चिकत्सा जिसमे पक्का इलाज संभव है | आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों जैसे फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट्स का विश्वशनीय उत्पाद का इस्तेमाल अगर कोई व्यक्ति चार से छे महीने तक करता है तो उन्हें है बीपी जैसे जानलेवा रोग से मुक्ति मिल सकती है | इसके लिए जरुरी है विश्वास व लगातार उत्पाद को लेने की ,फोरेवर लिविंग प्रोडक्ट्स के उत्पाद से न सिर्फ हाई- बीपी उसके साथ-साथ सम्बंधित सम्पूर्ण रोग से मुक्ति मिल सकेगी| निम्नलिखित उत्पाद इस रोग के लिए आप ले सकते है : - ALOEVERA GEL, ARCTIC SEA OMEGA 3, GARLIC THYME, ABSORBENT साथ में अगर गुर्दों सम्बंधित समस्या है तो LYCIUM PLUS
!!! अतः उच्च रक्त चाप एक आम और खतरनाक बीमारी है | कारण अपने लक्ष्ण लम्बे समय तक पता नहीं लग पाता है और दिमाग के साथ-साथ शरीर के कई अंगो को खोखला करती रहती है | जीवन शैली व आहार , रहन -सहन ऐसे रखे की तकलीफ आये ही नहीं बीपी बढ़ने की दशा में चिकित्सक का सलाह जरुर ले और आयुर्वेदिक उपचार जो की प्रार्थमिक उपचार के रूप में अपने और बिना किसी दुष्प्रभाव के निरोगी जीवन जिए !!!
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से ! सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Feb 4, 2012

कैंसर इसका कारण और निदान !!


कैंसर का खतरा जिस तेजी से आजकल बढ़ रही है इसका सर्व प्रमुख कारण आहार विहार का प्रदुषण, भोजन में अम्ल और मधुर रसो का अति सेवन है ! दूसरी ओर धुम्रपान व गुटखा पण मशाला का सेवन फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण है और मौतों का सबसे बड़ा कारण है ! वैसे तो कैंसर के बहुतेरे कारण है ! अब कुछ कारण आपके समक्ष रख रहे है जैसे की सूर्य के प्रकाश में अधिक देर तक रहने से त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ जाता है ! एस्बेस्टस का काम करने वाले मजदूरों में फेफड़े के एक अजीब प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है , जिसे "मिजोथिलिओमा" कहते है !

विकिरनें, चारकोल, खाने से बसा की अत्यधिक मात्रा, सेक्रिन तथा कीटनाशक दबाईयां व रासायनिक ( हर्बीसाइड व पेस्टीसाइड ) में पाए जाने वाले रासायनों या ऐसी चीजें जिनसे हममे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, इसे कर्सिनोजन कहा जाता है !

एक रिपोर्ट के अनुसार चिमनी से निकलने वाले धुंए से अंडकोष के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है , हम पार्यावरण से और अधिक डरने लगे है ! जैसा की हम सब जानते है की हमारा शरीर पिछली पीढ़ियों की तुलना में कहीं अधिक रासायनों का सामना कर रहा है !

और यही वर्तमान में सबसे अधिक कैंसर से मौत का कारण है ! कैंसर से लड़ने के लिए आयुर्वेदिक इलाज सबसे बेहतर विकल्प , जिसका किसी भी प्रकार को शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं होता है ! व्यक्ति के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा देता है जो किसी भी प्रकार के रोग से लड़ने में समर्थ होता है ! और रोगियों के हालात में निरंतर सुधार होता रहता है ! अतः एलोवेरा व पौष्टिक पूरक का नियमित सेवन से कैंसर जैसे असाध्य रोग पर नियन्त्र कर सकते है ! कैंसर जो साक्षात् मौत है उस पर हम विजय पा सकते है !

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Jan 30, 2012

सर्दियों की खुबसूरत सौगात है शहद व उनके खास पौष्टिक पूरक !


आज एक बार चर्चा करते है मधुमक्खियाँ से बना हुआ उत्पाद और उनके फायदे ! शुरुआत करने से पहले आइये जानते है वो अपना छत्ता किस प्रकार से बनाती है ! अक्सर आपने देखा होगा की वो अपना छत्ता किसी ऊँची चट्टानी दरार या पेड़ की ऊँची डाली पर बनाती है ! ऐसे जगह से शहद लाना जोखिम भरा होता है और जरुरी नहीं है कि हर बार शहद मनचाही मात्रा में मिलेगा ही ! इसलिए आजकल व्यवसाय करने वाले लोग अपने फार्म हाउस या घरों में पालतू बनाकर शहद पाने का इन्तेजाम कर लेते है !

चुकी मधुमक्खी एक सामाजिक किस्म का कीट है और यह अपने समूह में रहना पसंद करती है ! इनकी सामाजिक व्यवस्था में एक रानी मक्खी और शेष उसके साथ रहने वाली श्रमिक मधुमक्खियाँ होती है ! रानी मधुमक्खी जहाँ कहीं भी बसेरा बनाती है, सारे मधुमक्खियाँ उसी जगह छत्ता बना लेती है ! इसी वजह से मधुमक्खी पालक रानी मधुमक्खियों को लकड़ी के आरामदेह छत्तेनुमा डिब्बा में रख देते है और कुछ ही समय में यह डिब्बे शहद इकट्ठे करने वाले श्रमिक मधुमखियों से भर जाते है !

हमारी कम्पनी यानि फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट्स के पास हजारों एकड़ प्रदूषित रहित जमीन पर दबाई वाली पौधों को लगाकर मधुमक्खियाँ को पालन का काम किया जाता है ! इसलिए आज हम दुनिया का सबसे बड़ा वितरक है दोनों ही एलोवेरा व मधुमक्खियो के उत्पाद में !!

मधुमक्खियों की पिछली टांगो पर डलिया और बाकि टांगो पर रोयों की ब्रशनुमा संरचना होती है ! जब मधुमक्खी किसी फूल पर बैठती है, तब यह ब्रश से झाड कर इसके परागकण अपने डलिया में भर लेती है ! परागकण का उपयोग मधुमक्खी अपनी छत्ते में पल रहे शिशु के लिए करती है, यह एक विशेष प्रकार की बेबी फ़ूड है !

इसमें मौजूद 22 प्रकार के पौषक तत्व है,जो एक संतुलित स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है ! 35 ग्राम परागकण प्रतिदिन लेने से शरीर में प्रोटीन की मात्रा पूर्ति हो जाती है ! 28 प्रकार के मिनरल्स शारीर में पाए जाते है जिसमे 14 जरुरी माना जाता है परन्तु ( pollen ) में 28 के 28 सभी मिनरल्स पाए जाते है इसलिए इसे मानव जाती के लिए सम्पूर्ण आहार माना गया है !


रानी मधुमक्खी केवल शहद बनाने वाली श्रमिक मधुमक्खियों का नेतृत्व ही नहीं करती बल्कि छत्ते की आबादी भी बढ़ाती है ! यह लगभग 3500 अंडे प्रतिदिन देती है और एक बार शुरू हो गया तो लगातार कई सप्ताहों तक जारी रहती है ! इन्हीं अन्डो से नई श्रमिक मधुमक्खियाँ तैयार होती रहती है ! इस तरह से जहाँ श्रमिक मधुमक्खियाँ 7 सप्ताह में मर जाती है वहीँ रानी मधुमक्खियाँ की उम्र लगभग डेढ़ से 2 साल तक की होती है !
श्रमिक मधुमक्खियाँ अपनी लाये गए परागकण में एक एंजाइम मिलाकर खास प्रकार की गोली तैयार करती है जो रानी मधुमक्खियों की आहार होती है जिसे हम रोयाल जेली ( Royal Gelly ) कहते है ! इसे खाकर रानी मधुमक्खियाँ की अंडे देने की क्षमता बढ़ जाती है !

अतः इसका इस्तेमाल शारीरक व मानसिक कमजोरी , सेक्सुअल कमजोरी लोगो व स्किन के समस्या , बालों की समस्या, घुटने की दर्द, ट्यूमर, कोलेस्ट्रोल, अस्थमा,और खिलाडियों के लिए बहुत ही बेहतरीन उत्पाद है !



छत्ते में जो उजला गोंद के तरह होता है वह बहुत ही खास प्रकार के तत्व है ! एक शोध से पता चला है की अगर माँ के गर्भ के बाद कोई सबसे ज्यादा सुरक्षित स्थान है तो वह है मधुमक्खी का छत्ता जहाँ किसी भी प्रकार का कोई फंगस, या किसी भी प्रकार का कोई घुसपैठ नहीं हो सकता है ! छते के चारों ओर एक विशेष प्रकार का उजला गाढ़ा आवरण चढ़ा होता है जो एंटी बायोटिक, एंटी फंगल, और उसमे कई प्रकार की एंटी प्रोपर्टी पाए जाते है !

अतः मानव जाती के लिए एक बहुत बेहतरीन प्राकृतिक एंटी बायोटिक के रूप में इसे यानि बी प्रोपोलिस ( Bee Propolis ) को लिया जाता है ! यह एक ऐसा एंटी बायोटिक है जिसे सालों साल लिया जा सकता है जिसका सिर्फ और सिर्फ फायदा ही होगा बिना किसी साइड इफेक्ट के ! तो आइये हमारे साथ और सर्दी का आनंद लीजिये मधुमक्खियों से बनी उत्पाद का हिस्सा बनकर !


For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Nov 23, 2011

स्वास्थ्य का रहस्य संतुलित आहार व नियमित व्यायाम !


शोधों से साफ़ पता चला है कि ताजे फल ,अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां ( सलाद ) एवं काष्ट्ज फल में विकाश ,वृद्धि एवं जीवन संचालन पूर्णता प्राप्त कर केवल रोग से ही रक्षा नहीं कि जा सकती बल्कि मन में प्रसन्नता, शरीर में शक्ति एवं आत्मा में आनन्द की अनुभूति के साथ यौन शक्ति उन्नत की जा सकती है !

ताजे फल यानि की अगर मौसमी फल का सेवन करें तो शरीर के लिए ज्यादा फायदा मिलता है !
काष्ट्ज फल यानि बादाम, काजू, मूंगफली इत्यादि किशमिश, अंजीर छुआरा भिगोकर ही सेवन करना चाहिए !

तांवे या चांदी के वर्तन में रात का रखा हुआ पानी चार गिलास तक प्रातः शौच जाने से पूर्व ही पीना चाहिए | इसका सेवन से व्यक्ति अनेकानेक रोगों से मुक्ति मिल सकता है ! तो वासी पानी तांवे के वर्तन के खूब पिए और जिन्दगी को रोगमुक्त करें ! इस तरह लगातार सेवन से आंतो की सफाई व कब्ज से छुटकारा मिलेगा ! मतलब उदर के किसी भी प्रकार के विकारों से स्थायी रूप से लाभ मिलेगा |


व्यायाम से शरीर में हलचल होती है जिससे ब्लड सुचारी रूप से पुरे शरीर दौड़ जाती है | व्यायाम हरेक प्रकार के शारीरिक समस्या में लाभदायक होता है | नियमित अभ्यास से शरीर की बेचैनी, अस्थिरता, आलस्य एवं मोटापा में कमी होती है |

विश्व में व्यायाम ही एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे अन्तः-स्त्रावी ग्रन्थियों या हार्मोन बनाने वाली ग्रन्थियों को प्रभावित करती है | इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता , शांति, आनन्द एवं दीर्घायु प्राप्त होती है | इससे स्नायु दुर्बलता दूर हो जाती है एवं याददाश्त बढ़ जाती है | दूरदर्शिता, रचनात्मक सोच एवं समस्याओं को हल करने की कुशलता आ जाती है !


वर्तमान परिवेश यानि भागती दौड़ती जिन्दगी में अगर कुछ है जिससे आप स्वस्थ्य जीवन को जी सकते है तो वो है "एलोवेरा जेल" ! जिसके नियमित सेवन से आँतों की सफाई, शरीर के अन्दर "toxin " को बाहर कर देता है | आँतों की सफाई तो ऐसे हो जाता है जैसे की दीपावली में घर की सफाई होती है | फिर उसमे समाहित गुणों के भंडार शरीर को संचालन के लिए बेहद जरुरी है !

अतः एलोवेरा अगर दैनिक भोजन के सूचि में है तो परेशान होने की जरुरत नहीं वो सब कुछ आपके शरीर को मिलेगा जो शरीर को चाहिए !
याद रखें :- प्राकृतिक चिकत्सा एवं व्यायाम एक ही गाडी के दो पहिये है इनको छोड़कर अन्य कोई भी चिकत्सा पद्धति पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान नहीं कर सकती !

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Nov 22, 2011

प्राकृतिक चिकत्सा सुखी जीवन का आधार !!



अगर आप बिमारी के वजह से निराश हो चुके है !
> अगर आपका रोग ठीक होने के वजाय बढ़ता जा रहा है !
> अगर आप दबाओं के साथ जीने को मजबूर है ! मतलब दबाये खा-खाकर तंग आ गए है !
> अगर ज्यादा दिनों से बीमारी के कारण निराशा बढ़ चुकी है !

तो आइये और तुरन्त प्राकृतिक चिकित्सा के साथ अपने जीवन को रोग मुक्त करें ! हमारे पास है दुनिया के प्रतिष्ठित एलोवेरा प्रोडक्ट्स जो ऐसी किसी भी प्रकार के बीमारी के लिए अचूक इलाज सवित हो रही है | ये आपके घर के लिए वैद्य की तरह काम करेगा | बस यूँ ही समझ लीजिये " एलोवेरा है जहाँ, तंदुरुस्ती है वहां " | पर एलोवेरा जेल भी ब्रांडेड ही होनी चाहिए न की कोई भी ले ले उसका कोई फायदा नहीं होगा |

बोतल पर जरुर देखें - सिल ऑफ़ अप्रूवल , जैसे international aloe science council ( IASC ) , Kosher Rating , Cruelty free, islamic seal of approval. आदि , ये सब प्रमाणिकता जेल के विश्वसनीयता को दर्शाती है |

मनुष्य प्राकृतिक चिकित्सा से स्वयं के डॉक्टर बन सकते है | छोटी छोटी बाते को अपने जीवन में अपनाकर जिन्दगी को सुखी बना सकते है |
प्राकृतिक चिकित्सा सिर्फ बीमार लोगों के लिए उपचार ही नहीं करती बल्कि जिन्दगी को सही मायने में जीने की कला भी सिखाती है |
इस चिकित्सा का फायदा यह भी है कि मनुष्य के रोग जड़ से समाप्त करता है और साथ में शरीर के अन्दर दुसरे विकार को भी पूरी तरह से निकाल देती है क्योंकि दबाएँ नहीं खानी पड़ती | प्राकृतिक चिकित्सा मनुष्य के लिए दोहरा कार्य करती है | पहला कार्य रोगी को जल्द से जल्द निरोग करता है, दूसरा कार्य भविष्य में रोग कि पुनरावृति न हो इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी करती है | असाध्य से असाध्य रोगी पर जहाँ दाबाईयां कोई सही असर नहीं कर रही हो, वहां प्राकृतिक चिकत्सा से इलाज सफल और संभव है |

जब सभी इलाज असफल हो जाते है तब भी प्राकृतिक चिकित्सा मनुष्य के प्राण व स्वास्थ्य बचा सकती है |
दबाईयां आखिरी इलाज होना चाहिए न की पहला | ( महात्मा गाँधी )

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Nov 7, 2011

खुशखबरी !! विश्व प्रसिद्द ऍफ़.एल.पी एलोवेरा अब बिहार के पटना में मिलेगी !!














जिसका मुझे था इंतज़ार, जिसके लिए दिल था बेकरार !!
वो घडी आ गई, आ गई , आ ...................................... !!!!
जी मैं आज कोई गाना नहीं गाने वाला हूँ | दरअसल बात ही कुछ ऐसी ही की बस गुनगुनाने का दिल कर रहा है | यह बहुत ही बड़ी खबर है | मेरे जैसे कई लोगों का यह बहुत बड़ा सौभाग्य की बात है | आज जब से नेट के माध्यम से पता चला की पटना में 11 Nov. दिन शुक्रवार को फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स का अपना प्रोडक्ट्स सेंटर खुलने जा रही है, मन के अन्दर खुशियाँ हिचकोले लेने लगे है | आज प्रतीत हो रहा है जैसे नए उर्जा का मन में संचार हो गया हो |

अब जो डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए दिल्ली के तरफ आने से परहेज करते थे दरअसल वो भी जम के खरीददारी कर पायेंगे | इस सन्दर्भ में अब तक कई लोगों से मेरी बात हो चुकी है, सब के सब बहुत ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे है |
उनके जुवान से बस एक ही शब्द निकलता है शुक्रगुजार है हम ऍफ़.एल.पी दिल्ली वालों का जिन्होंने हम लोगों पर भरोसा किया और अब हमारी वारी है उन्हें निराश तो बिलकुल नहीं करेंगे|पर उनके कसौटी पर जरुर खरा उतरने का प्रयास करेंगे |

दरअसल बिहार एक बहुत बड़ा राज्य है | लोग गाँव गाँव से यहाँ सेमिनार देखने के लिए आते थे | देखकर बहुत ज्यादा साकारात्मक सोच के साथ वो अपने अपने घर को जाते और सिर्फ वही सवाल होता की प्रोडक्ट्स हमें कहाँ और कितने दिनों में मिल जायेगा | जबाब में थोडा हम अटक जाते थे क्योंकि दिल्ली से प्रोडक्ट्स की खरीददारी फिर कोरियर या ट्रेन से भेजना न सिर्फ उनके लिए कई बार हमारे लिए भी कठिन लगता था | पर अब हम सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर ध्यान देंगे | जिससे की हमारी कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी | प्रयास में लगे हमारे बिहार के लीडर व ऍफ़.एल.पी स्टाफ को हार्दिक अभिनन्दन व धन्यबाद !

परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है | अतः हमें सिर्फ अपना कर्म करते रहना चाहिए बाकि परिणाम परिश्रम के मुताबिक अवश्य मिल जाएगी | विश्व प्रसिद्द एलोवेरा जेल जिसका कोई विकल्प बाजार में उपलब्ध नहीं है | सिर्फ हमारे पास है यानि की फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स के पास | अमृत तुल्य यह प्रोडक्ट्स आपके लिए वाकई अमृत है , बस इनके गुणों के बारे में बारीकी से समझने का प्रयास करे |

ऍफ़.एल.पी ने हमारे लिए पहले ही 85% काम कर दिया है , एक अतुल्य , उच्च गुणों वाली एलो वेरा जेल, मधुमक्खी के द्वारा व अलग अलग जड़ी बूटियों से तैयार किया गया उत्पाद के माध्यम से | बस हमें उनके बारे में ध्यान से समझना है, जो की मात्र 15% काम है |



अगर कोई व्यक्ति उस उत्पाद के बारे में जानकारी ले ले तो निश्चित ही वो जिन्दगी में कभी असफल नहीं हो सकते है | सेहत के साथ-साथ आर्थिक आजादी उन्हें जरुर मिलेगी |
बस लगातार प्रयासरत रहने की आवश्यकता है |

अंत में इसके लिए हम इश्वर का धन्यबाद करते है और साथ में धन्यबाद करते है फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स का जिन्होंने हमारी बात सुनी और बिहार राज्य के पटना में ऍफ़.एल.पी ऑफिस खोलने का निश्चय किया |


For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841।or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

May 8, 2011

नपुंसकता - ( समाधान एलोवेरा उत्पाद से )



नपुंसकता की समस्या आधुनिक युग में तेजी से वृद्धि हो रही है | इसका अर्थ है व्यक्ति सामान्य यौन सम्बन्ध नहीं बना पाना ,अगर बनाता भी है तो इतने अल्प समय के लिए की वह सम्भोग सम्पन्न नहीं कर सकता | समय से पहले स्खलन या स्खलन में असमर्थता भी इसके लक्ष्ण है | ऐसे पुरुष संतान उत्पति करने लायक नहीं होते है | यदि दम्पति संतान हीन हो तो, पति- पत्नी दोनों का ही जांच होना आवश्यक है | जिससे समस्या का पता लगने पर सही निदान किया जा सके | अक्सर संतान न होने का दोषारोपण ज्यादातर महिला पर ही लगाया जाता है, जबकि यह धारणा बिलकुल बेबुनियाद है इसके लिए पुरुष भी बराबर रूप से जिम्मेदार हो सकते है |

शोधों से पता चला है की लगभग 10 प्रतिशत दम्पति निःसंतान होते है | इनमे से तक़रीबन 50 प्रतिशत महिलाएं और 40 प्रतिशत पुरुष भी जिम्मेदार होते है | 10 प्रतिशत दोनों ही जिम्मेदार होते है | प्रत्येक दम्पति की चाहत देर सवेर संतान की होती है और इच्छा होती है उनके घर भी बच्चों की किलकारियों से गुंजायमान हो जाये | यदि संतान की चाहत रहने पर भी संतान नहीं हो तो वे दुखी व परेशान रहने लगते है | प्रन्तुं एक दुसरे पर दोषारोपण करने से कुछ समाधान नहीं निकलता है | उचित चिकित्सक से परामर्श लेकर जाँच परिक्षण के बाद इलाज करना चाहिए |

अक्सर लोग इस कारण ओझा, तांत्रिक व बाबाओं के चक्कर में पर जाते है जिससे निराशा के अलावा कुछ नहीं हाथ आता है | जबकि उचित इलाज से संतानहीन दम्पति के घर भी खुशियाँ आ सकती है | इसके समाधान से पहले आइये इसके कारण पर रौशनी डाल लेते है |

पिछले दशक में पुरुषों के प्रजनन क्षमता की प्रक्रिया के बारे में जानकारी में तेजी से विकाश हुआ है | आइये जानते है - पुरुषों में नपुंसकता के प्रमुख कारण :-
पुरुषों में नपुंसकता के कारण अनेक प्रकार के रोग भी हो सकते है | अन्तः-स्त्रावी ग्रन्थि से हार्मोन स्त्राव में बदलाव के कारण नपुंसकता हो सकती है | शरीर के स्वस्थ्य रखने, सामान्य प्रक्रियाओं और वीर्य एवं शुक्राणु की सामान्य संरचना और उनकी कार्यक्षमता के लिए अनेक प्रकार के हार्मोन का योगदान होता है |
पिट्यूटरी , थायराइड, एड्रिनल ग्रन्थि के हार्मोन स्त्राव में असंतुलन व मधुमेह रोगीओं, पुरुषत्व हार्मोन ( टेस्टस्टेरान ) के कम स्त्राव के कारण नापुन्क्सकता हो सकती है |

शुक्राशय पेट के अन्दर ही शुक्राणु का निर्माण ( टेस्टीज ) होता है और जन्म से कुछ समय पूर्व या एक वर्ष की आयु के लगभग यह पेट से निचे उतरता है | शुक्राणु के निर्मान के लिए कम तापमान की जरुरत होती है इसलिए यह अंडकोष में मौजूद होता है | वीर्य में शुक्राणु का का अंश लगभग 10 प्रतिशत होता है | शुक्राणु में फिर सहायक प्रजनन ग्रन्थि-प्रोस्टेट, सेमाइनल वेसिकल, कपूर ग्रन्थि के स्त्राव मिलकर वीर्य का निर्माण करते है | इन सहायक ग्रन्थि का स्वरूप और इसके स्त्राव का सामान्य होना भी जरुरी है, क्योंकि यह स्त्राव शुक्राणुओं को सक्रीय रखता है , पोषक तत्व प्रदान करता है , अन्डो के मिलन में सहायक सिद्ध होता है |

वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या तक़रीबन 10 से 20 करोड़ प्रति मिली. होती है | शुक्राणु की वीर्य में विशिष्ट चाल होती है | यदि वीर्य की संख्या सामान्य नहीं है तो भी नपुंसकता आ सकती है | वैसे तो वर्त्तमान में सेक्स के प्रति अरुचि और इसीसे बढ़ते नपुंसकता में जीवन शैली ही सबसे प्रमुख कारणों में से एक है | तनाव ग्रस्त जीवन- थकान, हताश, निराश , किसी अन्य कार्य में ध्यान , घबराहट या मनोवैज्ञानिक सदमा इत्यादि किसी न किसी रूप से व्यक्ति परेशान रहता है | सेक्स जीवन सबसे सुखद अनुभूति में से एक है | स्वस्थ्य जीवन के लिए सेक्स लाइफ स्वस्थ्य होना आवश्यक है | मानसिक परेशानी हो या शारीरिक परेशानी सेक्स जीवन अगर सुखी है तो बहुत कुछ अपने आप स्वस्थ्य हो जाता है |

आज के जीवन शैली का असर यह होता है की शरीर में फ्री रेडिकल का उत्पाद बहुत तेजी से होता है | यदि इनकी मात्रा शरीर में या शुक्राणुओं में बढ़ जाती है तो शुक्राणु क्षतिग्रस्त होने से नपुंसकता आ सकती है | फ्री रेडिकल की मात्रा को शरीर में नियंत्रित करने के लिए अनेक प्रक्रियाएं मौजूद होती है | इनको एंटी-ओक्सिडेंट कहा जाता है | इस प्रकार भोजन में अनेक एंटी-ओक्सिडेंट मौजूद होते है जैसे की विटामिन-'इ ',खनिज लावन इत्यादि | स्वस्थ्य जीवन के लिए फ्री रेडिकल और एंटी-ओक्सिडेंट में संतुलन होना चाहिए | एंटी-ओक्सिडेंट एंजायम की कमी के कारण शुक्राणु कमजोर हो जाते है |

आयुर्वेदिक उपचार व एंटी-ओक्सिडेंट औषधियों के द्वारा नपुंसक पुरुष को स्वस्थ्य किया जाता है |
जिस प्रकार मनुष्य में वीर्य होता है उसी प्रकार वृक्षों में भी उपस्थिति मिलती है | यह वीर्य 'गोंद' के रूप में होता है | जैसे- छुहारे का गोंद, कीकर का गोंद ,बरगद का गोंद इत्यादि | इनका प्रयोग कर शुक्राणु निर्माण एवं उनकी सक्रियता को बढाई जा सकती है | छुहारे का गोंद 10 ग्राम लेकर रात को पानी में भिंगोकर सुबह औटाये हुए गर्म मीठे दूध में मिलकर लगातार 40 दिनों तक सेवन से शुक्राणुओं का निर्माण, सबलता व सक्रियता बढ़ेगी |

कुछ उत्पाद निचे दिए जा रहे है जिसके मदद से शारीरिक शक्ति पुनः पा सकते है :-
1 Aoevera Gel
2Royal Jelly
3 Gin-Chia
4. Pomestin Power
5. Ginkgo Plus

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

May 1, 2011

शराब के आदि जीवन की बर्बादी !

नशा करने वाला अपनी आदत से मजबूर एक बीमार होता है , वह कोई अपराधी नहीं , एक मरीज है | शराब तो कोई विरले ही पीता है ज्यादातर लोगों को तो शराब ही पी जाती है | शराब पीना आदत नहीं, यह तो एक प्रकार की बीमारी है | शराब शरीर और आत्मा को अपने वश में करके इन्सान के दिलोदिमाग का संतुलन ख़राब कर देती है | उसमे पशुता की भावना आ जाती है इसके बाद कई बार तो ऐसा कदम उठा लेते है जो बाद में सिवाय पश्चाताप का कुछ भी नहीं मिलता |

शरीर में तरह-तरह की कमजोरियां एवं जानलेवा बीमारियाँ को घर कर सारी सेहत तंदुरुस्ती चौपट हो जाती है | उनके घर परिवार में रोजाना क्लेश , झगड़ा व लड़ाई
होता ही रहता है जिससे परिवार की सुख-शांति व समृद्धि दिनानुदिन खत्म होकर घर नर्क सामान बन जाता है | नशा करने वाले के शरीर में बिषैले कोशाणु तैयार हो जाते है जिनके ख़राब प्रभाव के कारण अनेकों बीमारियाँ हो जाती है |


"खूब जमेंगी रंग जब हम मिल बैठेंगे तिन यार मैं ,तुम और मेरा शराब " - ऐसा वो लोग प्रचार- प्रसार करते नजर आते है जो देश के चर्चित चेहरा है जिसे देखकर लोग अपने जीवन शैली बदलने का प्रयास करते है | चंद पैसों के लिए वो ईमान को बेच डाला है , अपनी जमीर बेच डाला है | उन्हें ऐसा कुछ खुलेआम लोगों को उकसाने के लिए जरा सी भी शर्म नहीं आती |

कुछ हद तक जिम्मेदार ऐसे सेलेब्रेटी तो है,जिन्हें नहीं मालूम की नशे के कारण कितने घरों की जेवर बिके, कितने घर एवं जमीन बिके,कितने घर उजड़े , कितने अपराध के दलदल में फंस गए और कितने ही असमय काल के ग्रास बन गए | इन सब का ठीक-ठीक से हिसाब लगाना लगभग कठिन है |

हमारे देश की कानून शराबी और नशाखोरों को कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है | कोई ठोस कानून नहीं है ,कानून के रक्षक की बात करें तो वो खुद भी सूर्यास्त होते होते नशे में मस्त हो जाते है | इन कानून के रखवालों से किया उम्मीद की जा सकती है | जो खुद लड़खड़ा रही हो वो किसी और को क्या खाक संभालेगा | यहाँ बात की जाय शराब रोकने के लिए तो हमारे अपने प्रान्त बिहार में अब तो पंचायत स्तर पर शराब की दुकान की लाइसेंस खुद सरकार की ओर से दी जा रही है | हालात यह हो गया है की कम उम्र के ( नावालिक ) बच्चे भी अब सूरा पान करते चौक-चौराहे पर नजर आते है |

इसके पीछे सरकार की राजस्व के जरिये मोटी कमाई करने की मानसकिता है | परन्तु परिणाम से उन्हें कोई लेना देना नहीं है , क्या राजस्व के लिए सरकार गाँव गाँव में शराब के ठेके देकर गाँव वालों को भिखारी नहीं बना रही है | जिस उम्र में लोग अपने भविष्य के बारे में सोचते है , पढ़ाई-लिखाई के बारे में सोचते है आज वही नशे के हाल में सडक पर लुढके नजर आते है |


ऐसे में इस देश का भविष्य क्या होगा ? क्या इसी तरह से हम दुनिया के देशों में आर्थिक वर्चस्व कायम करेंगे ? भूख , गरीबी, लाचारी, बीमारी व अपराधी क्या घर बैठे रहेंगे | क्या वो हमारे देश की आने वाले सदी की शान होंगे ? जरा सोंचे !!!! नहीं तो बीमार लाचारी, और अपराधी किस्म के लोगों की तादाद इतनी हो जाएगी की देश को उन्हें फिर से सही रास्ते में लाने के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है |

अतः समय रहते सरकार को इसके लिए कोई ठोस कदम उठाने की जरुरत है | लेकिन इसके लिए हमें भी जागरूक होने की जरुरत है इसके बारे क्या गलत है , क्या सही इसकी जानकारी लोगों को देने की जरुरत है | अगर सार्थक प्रयास करते है तो निश्चित ही अपने मुल्क के सभी लोगों को नशा से मुक्ति दिलाकर उनको अच्छा स्वास्थ्य प्रदान किया जा सकता है |

हमारा सन्देश है नशे में डूबे हुए लोगों के लिए , समय रहते हुए सावधान हो जाये वर्ना गर्त में जाने से कोई नहीं बचा सकता है | मनुष्य जीवन एक अनमोल उपहार स्वरुप मिला है , उन्हें व्यर्थ में मत गंवाओ, जीवन के मूल्यों को समझों और तोबा करो नशे की कोई भी चीज से और अपने जीवन को खुशहाली के तरफ लाओ | इशवर की दी हुई तोहफा को बर्बाद मत करों उन्हें अच्छे कार्य में लगाओ और एक अच्छी सुखद जीवन जिओ |
यहीं मेरी शुभकामना होगी |


प्राकृतिक इलाज भी है अगर चाहे तो- इसके लिए इच्छा शक्ति की जरुरत है और साथ कुछ आयुर्वेदिक उत्पाद है जैसे एलो वेरा जेल, बी पोलेन , जिन चिया इत्यादि या संपर्क कर सकते है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Apr 25, 2011

अनिद्रा- (Insomnia )कई रोगों को देता है निमंत्रण ! अवश्य पढ़ें !!!

वर्तमान के भौतिकवादी युग में लोग प्रतिस्पर्धा में तमाम तरह के सुख-सुविधाओं को घर में जुटाने के कारण दिन रात भागते रहते है | ऐसे में एक अच्छी सुख भरी गहरी नींद लोगों से दूर होती चली जा रही है | आज कल लगभग एक चौथाई व्यस्क लोग अनिद्रा रोग से पीड़ित है | भागमभाग वाली जीवन शैली के कारण उनके खान-पान को भी प्रभावित करती है | यहाँ तक की सही तरह से समयानुसार आहार उन्हें नहीं मिल पाता है ,और ज्यादातर लोग फास्ट फ़ूड पर निर्भर रहते है | शारीरिक व मानसिक परेशानियाँ , हाई-ब्लड प्रेशर इत्यादि रोग भी इन्ही की देन है |

अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति रात भर बिस्तर पर करबटें बदलता रहता है | प्रायः ऐसे लोग रात भर गिनती गिनता है, तारे गिनता है , उठकर रात को भी चहलकदमी करता रहता है फिर भी उसे नींद नहीं आ पाती है | इतना कुछ करने के पश्चात् थक हार कर नींद लाने के प्रयास में नींद की गोलियां , शराब व अन्य प्रकार के घातक नशीले पदार्थ का सेवन कर उनके आदी सा हो जाता है | इन सारी स्थितियों के चुंगल में फँसकर व्यक्ति अपने जीवन को दुःख व बीमारियों के भंवर में डुबो लेता है|


नींद नहीं आने के पीछे कई कारण हो सकते है जैसे मानसिक कारणों में ज्यादा थकान, मन में निराशा, असंतुलित आहार, आशंका, डर आदि प्रमुख भूमिका माना जा सकता है | व्यक्ति वर्तमान में मशीनी मानव बन कर रह गया है | काम, काम बस काम , वो इस कदर इस बोझ के तले दबे जा रहे है जैसे कोई जानवर के पीछे उनके मालिक चाबुक लिए खड़े हों और वो बस भगाए जा रहा है | दिशाहीन,विचारशून्य होकर जीवन को एक बोझ जैसे बनाकर बस ढो रहे है |

टेंसन नींद ना आने का सबसे प्रमुख कारण है | शोर-शराबे वाली जीवन शैली, सोने के समय जागना व जागने के समय सोना, शारीरिक व्यायाम व मेहनत से बचना, ज्यादा शराब पीना आदि से भी नींद नहीं आती है |

अगर इस रोग से ज्यादा समय तक पीड़ित रहें तो इसके साथ अनेक प्रकार की बीमारियों का समूह घेर लेती है | तनाव भरी जीवन से शारीरिक व मानसिक परेशानियां बढ़ जाती है | साथ ही घातक बीमारियाँ जिसकी शुरुआत होती है कब्ज़ से और आगे बढ़ते बढ़ते वो डायबिटीज, डिप्रेसन, ब्लड प्रेशर, मोटापा, ह्रदय रोग आदि के रूप धारण कर व्यक्ति के जीवन को मुशीबत में डाल देती है | ऐसे मरीजों में मिर्गी के दौरे भी पड़ने शुरू हो जाते है | और तो और उसके मन में नाकारात्म सोच इस कदर घर कर लेती है की उन्हें आत्म हत्या करने की विचार भी आने लगते है |

रोगी के लक्ष्ण :-
रोगी को हमेशा सिर भारीपन की शिकायत रहने लगती है | लम्बे समय तक नींद सहीं ढंग से न आने के कारण व्यक्ति मानसिक रोगी होकर विक्षिप्त और पागल तक हो सकता है | कब्ज़ के कारण भी नींद नहीं आ सकती है | ऐसे रोगी में एकाग्रता की कमी होती है , स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है | हमेशा शरीर थका-थका, आलस्य, किसी भी काम में मन नहीं लगना आदि भी इनके प्रमुख कारण होते है |

घरेलु उपचार :-
>अनिद्रा रोगी को रात में सोने से पहले बादाम तेल से सिर में मालिश करनी चाहिए , तथा पैरों के दोनों घुटनों तक सरसों के तेल की मालिश अच्छी तरह से करनी चाहिए |
> एक गिलाश दूध में एक चम्मच घी डालकर रात को सोने से पहले पीना चाहिए | घी में सफ़ेद प्याज को भुनकर खाने से भी नींद अच्छी आती है |
> भाँग की हरी पत्तियों को पिस ले तथा इनकी मालिश पैर के तलवों पर करनी चाहिए |
> शाम के वक्त दही में सौंफ चीनी और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से भी नींद अच्छी आती है |
>सोने से पूर्व दोनों आँखों पर पानी के छींटे मारने चाहिए |
> आजकल की गर्मी के मौसम में शाम को जरुर नहायें और रोयेंदार तौलिये से शरीर को रगड़-रगड़ कर साफ़ करें |
> उबली हुई सब्जियां और फलों के अलावा एक सप्ताह तक कुछ भी न खाएं |
> शहद के साथ बाजरे की रोटी खाने से अच्छी नींद आती है |

औषधीय उपचार :-
Aloe Vera Gel :- इससे शरीर के अन्दर जिसे चिकित्सकीय भाषा में टोक्सिन ( जहर ) कहते है जो आँत के साथ वर्षों से चिपका रहता है जिसके कारण अनेक प्रकार की सम्सयाएं पैदा हो जाती है, सबसे पहले टोक्सिन को शरीर से बहार करेगा | फिर जेल में समाहित पोषक पदार्थ शरीर में कमी होगी उसकी भरपाई करेगी और व्यक्ति करीब करीब पूरी तरह से चुस्त और दुरुस्त हो सकेंगे मात्र कुछ ही महीनो मे !

Fields of Green :- यह गोली के रूप में होता है जिसका सेवन से शारीरिक व मानसिक थकावट दूर होती है | खून की कमी को पूरा करती है और तक़रीबन कई प्रकार के शाक-सब्जियों से मिलने वाली विटामिन इसके मात्र एक गोली से पूरा हो सकता है |

Royal Jelly :- यह भी गोली की तरह ही है जिसे जीभ के निचे रखा जाता है और तुरंत व्यक्ति उर्जायमान महसूस करने लगते है | इसे 'Fountain of Youth' भी कहा जाता है मतलब "जबानी का फब्बाड़ा " यह एक शक्ति शाली टॉनिक के साथ साथ शरीरिक व मानसिक परेशानी में एक अचूक औषधि के तरह काम करती है |

Artic Sea - Omega-3 - ब्लड सम्बंधित समस्या जैसे नस में ब्लड के सुचारू रूप से काम करना, ब्लड के थक्का सम्बंधित, तथा ह्रदय रोगी के लिए यह तो सबसे शक्तिशाली उत्पाद में से एक है | जेली रूप में यह एक कैप्सूल की तरह है जिसका सेवन से ब्लड में उपस्थित कोलेस्ट्रोल को निकाल बहार करता है | ह्रदय रोगी के लिए एक रामवाण औषधि माना गया है |


For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Apr 18, 2011

स्वास्थ्यवर्धक फल, केला !!



केला एशिया का फल है और यह गर्म देशों में पैदा होता है | हमारे यहाँ तो पूजा अनुष्ठान में केला का फल रखा जाता है , इसीलिए उपयोगिता के अधर पर इसे देवफल भी कहा जाता है | केले के पते को बहुत ही पवित्र और लाभदायक माना जाता है | शायद यही कारण है जहाँ हमारे यह कई राज्यों में केले के पते पर रखकर भोजन खाने खिलने का प्रथा है | पकने पर इसमें मिठास आ जाती है परन्तु जल्दी से यह गल भी जाता है | पर इसकी विशेषता यह है की इसमें किसी भी प्रकार का कीड़ा नहीं लगता है | यह स्वयं में एक ऐसा फल है जो बंद और कीटाणु रहित होता है | पकने के बाद केले की उपरी मोटी छाल आसानी से उतर जाती है |

पौष्टिक पदार्थ :- केला वीर्यवर्धक, शुक्रवर्धक है ! नेत्र रोग में लाभदायक है , यह एक शक्तिदायक आहार है | इसे रोटी की जगह खाना चाहिए | केले में स्टार्च और शर्करा अधिक होती है | छोटे बच्चे को दूध में मिलकर दे सकते है | यह कफ व रक्त पित नाशक है |

केले में प्राकृतिक शर्करा, सुक्रोस, फ्रक्टोस, ग्लूकोस एवं रेशा होता है | इसके सेवन से तत्काल उर्जा प्रदान करता है | आधुनिक सहोद से सिद्ध हुआ है की कठोर व्यायाम से खर्च होने वाली उर्जा की पूर्ति दो केले खाकर कर सकते है | इसलिए धावकों की पहली पसंद के रूप में केला ही होती है | कई रोगों में तो इसे पथ्य के रूप में भी प्रयोग किया जाता है | एक केले में 27 ग्राम कार्बोहाईड्रेट मिलता है | एक अछे स्वस्थ्य के लिए नित्य 300 ग्राम कार्बोहाईड्रेट लेने चाहिए |


केले में मुख्यतः विटामिन-ए, विटामिन-सी,थायमिन, राइबो-फ्लेविन, नियासिन तथा अन्य खनिज तत्व होते है | इसमें जल का अंश 64.3 प्रतिशत ,प्रोटीन 1.3 प्रतिशत, कार्बोहाईड्रेट 24.7 प्रतिशत तथा चिकनाई 8.3 प्रतिशत है |

शक्तिवर्धक :- एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच घी, पिशी हुई इलाइची व शहद मिला कर केले खाने के साथ पीने से शरीर शुन्द्र और मोटा होगा | बल, वीर्य, शुक्राणु ,काम-शक्ति और मष्तिस्क शक्त बढ़ेगी | स्त्रियों का प्रदर रोग ठीक होगा | दही में केला और पीसी हुई मिश्री मिलकर खाने से भी मोटापा बढ़ता है |

बलवृद्धि के लिए व्यायाम तथा खेलकूद के बाद केले खाना चाहिए | केले में कार्बोहाईड्रेट प्रयाप्त मात्र में होता है जो सरलता से पाच जाता है , छोटे बच्चे को आसानी से दिया जा सकता है | यह बच्चों के लिए उतम आहार है | इसे मसलकर दूध में मिलकर खिलने से अधिक फायदा होता है | यह खून में वृद्धि करके शरीर की ताकत बढाता है | नित्य केला का सेवन अगर दूध के साथ किया जाय तो तो कुछ ही दिनों में स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव देखा जा सकता है |

केले को पकाने के लिए इथियन एवं कैल्सियम कार्बाइड रसायन का पानी के घोल में डुबाया जाता है इससे केले पक जाते है | ये रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इनसे केले के पौष्टिक तत्व भी नष्ट हो जाते है इसलिए प्राकृतिक तरीके या वर्फ से पकाया ही खाना चाहिए | चितलीदार केला रसायनों से पकाया जाता है | अतः इसे नहीं खाना चाहिए | सदा धोकर ही फल खाना चाहिए, बिना धुले केला या अन्य कोई भी फल हानिकारक हो सकता है |


>पेट की सुजन में केला आसानी से पच जाता है जबकि दुसरे पदार्थ मुश्किल से पचते है |
> टायफाइड तथा अन्य ज्वरों में केले का पथ्य बहुत लाभ देता है |
> आँतों के अल्सर तथा दुसरे रोग हो जाने पर रोजाना 6 से 9 केले खिलाने से लाभ होता है |
> खून की कमी को दूर करता है तथा गले की सुजन में लाभकारी है |
> गाउट रोग में यह मूत्र की यूरिक अम्ल घुलाने की शक्ति बढ़ा देता है |
> केले के पेंड में एक सफ़ेद डंडा होता है | इस डंडे के रस गर्मी के रोग तथा मष्तिष्क - सम्बंधित रोग शांत होते है | कैंसर रोगी के लिए यह औषधि का कार्य करता है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !
सर्दियों में भी रखें त्वचा जवाँ - एलोवेरा युक्त उत्पाद से ! !

Mar 19, 2011

एलोवेरा जूस क्यों जरुरी है ?

एलो मात्र एक पौधा नहीं है, मानो कुदरत ने मानव शरीर के कल्याण के लिए विशेष तौर पर इसे धरती पर लाया हो | जितने गुण एलो वेरा में है ,शायद ही किसी और जड़ी-बूटी में एक साथ पाए जाते है | इसलिए इसे औषधियों का महाराजा माना गया है | कई नाम से इसे लोग पुकारते है , कुछ लोग इसे संजीवनी बूटी तो कुछ लोग इसे साइलेंट हीलर, चमत्कारी औषधि आदि भी कहते है |

एलोवेरा का 5000 साल पुराना इतिहास है | पुराने समय में लोग इससे औषधि के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे है | पवित्र ग्रन्थ रामायण, बाइबल और वेदों में भी इस पौधे की उपयोगिता के बारे में चर्चा की गई है | मिस्त्र की महारानी क्लीवपेट्रा से लेकर महात्मा गाँधी तक इसका इस्तेमाल करके फायदा उठा चुके है | वर्तमान में एलो वेरा का उपयोग अनेक प्रकार के आयुर्वेदिक औषधीय में बहुतायत से हो रहा है | कोई भी वैद्य,चिकित्सक, व हाकिम इनके गुणों को नकार नहीं सकता | इसे कई नाम से जाना जाता है , जैसे हिंदी में ग्वारपाठा, क्वारगंदल,घृतकुमारी, कुमारी या फिर घी-ग्वार भी कहते है |



वर्षों के शोध के बाद पता चला की एलोवेरा के 300 प्रकार के होते है | इसमें 284 किस्म के एलो वेरा में 0 से 15 प्रतिशत औषधि गुण होते है |11 प्रकार के पौधे जहरीले होते है बाकि बचे 5 विशेष प्रकार में से एक पौधा है जिसका नाम एलो बारबाडेन्सिस मिलर है जिसमे 100 प्रतिशत औषधि व दवाई दोनों के गुण पाए गए है |

जिस तरह हमारे यहाँ (AIIMS DELHI ) एम्स दिल्ली को सब जानते है ठीक वैसे ही अमेरिका में लाइंस पौलिंग इंस्टीच्युट ऑफ़ साइंस एंड मेडिसिन न केवल अमेरिका में बल्कि सारे संसार में परिचित है | डॉ. लाइंस पौलिंग जिन्हें दो बार नोबिल पुरुस्कार से से नाबजा गया था |



कई वर्षों के शोध के बाद पता लगाया इस विशेष प्रकार के एलो बारबाडेन्सिस में समाहित गुणों के बारे में | फिर फॉर एवर लीविंग प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल के चेयरमान रेक्स मॉन जो की अमेरिकन है उनके सहयोग से एलो वेरा जेल और साथ में कुछ उत्पाद को बाजार में उतारे जो को मानव जाती के लिए चमत्कारी सिद्ध हुए |

एलोवेरा की खास बात यह है की यह अपना आहार वातावरण से लेता है | आज के वातावरण में प्रदुषण ज्यादा है, और एलोवेरा के पत्ते उसे अपने अन्दर सोंख लेता है | पहले के एलो वेरा कुछ हद तक ठीक था क्योंकि पहले हमारे आसपास इतना प्रदुषण नहीं होता था | आसपास इतना प्रदुषण है की हमारे यहाँ के एलोवेरा जेल को पीना स्वस्थ्य के दृष्टीकोण से ठीक नहीं हो सकता है |


ऍफ़.एल.पी 7500 एकड़ जमीन में बिलकुल प्रदूषित रहित तरीके से खेती करके एलो पौधों की फसल तैयार करती है | यहाँ प्रदुषण का इतना ख्याल रखा जाता है की 200 किलोमीटर तक के आसपास के क्षेत्र में कोई पेट्रौल, डीजल वाली गाडी मोटर नहीं चलती और यहाँ तक वहां अन्दर भी जो गाडी वगैरह चलती है, वो बैटरी से चलती है | इस तरह प्रदुषण का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं होता है |

ऍफ़.एल.पी एलोवेरा को ( IASC ) इंटरनेसनल एलो साइंस काउन्सिल से मान्यता प्राप्त सील उत्पाद की शुद्धता और गुणवता को दर्शाती है | 25 -09 -2005 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक आलेख भी छपा था जिसमे एलोवेरा के शुद्धता के लिए सील को अवश्य देख ले | ऐसा एलोवेरा के सम्बन्ध लिखा लेख में लिखा गया था |

इस पौधे की विशेषता यह है की पत्ते को तोड़ने के ठीक तीन घंटे के अन्दर उपयोग कर लेना चाहिए नहीं तो उनमे विद्यमान औषधि + पौष्टिकता के गुण धीरे-धीरे नष्ट हो जाते है | ऍफ़.एल.पी में वैज्ञानिकों की शोध करके इस पौधे के जूस को कुछ जड़ी-बूटी की मदद से इसके जीवन को दो- तिन घंटे से बढाकर चार साल के लिए सुरक्षित कर दिया है |

एलोवेरा जूस कैसे काम करता है ?
एलोवेरा जेल कम से कम 90 -से 120 दिनों के नियमित सेवन से असाध्य कहे जाने वाली बीमारियाँ में लाभ पा सकते है - जैसे Arthritis, Asthma, Diabeties,Heart Problem, High/Low Blood Pressure,Gastric Problem, Constipation, Obesity, Ulcer, Lack of Energy, Thyroid, Kidney Problem, Back Pains, Survical Problem, Parkinson, Colitis, Amoebas, Stress, Tension, Depression, Cholestrol, Pimples, Ladies Problem during pregnancy, Plus all A to Z Problems और तो और Cancer जैसी खतरनाक बीमारी में भी एलो जेल राहत देती है यानि इसके नियमित सेवन से आप हमेशा के लिए तंदुरुस्त रख सकते है |

आप हैरान होंगे की एक एलोवेरा से करीब 220 प्रकार के बीमारियाँ कैसे ठीक हो जाती है ? इससे पहले हम यह जान ले की हमें बीमारियाँ होती क्यों है ? दरअसल हमें जीवित रहने के लिए हवा, पानी और भोजन की आवश्यकत होती है, पहले के समय इसी के सहारे लोग सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता था क्योंकि पहले वातावरण स्वच्छ था लेकिन आज के वातावरण को देखे तो यह तीनो ही चीजें हमें अशुद्ध मिल रही है |

दूसरा आज का खान-पान,हमारी जीवन शैली ,आधुनिकता की दौड़ में इतनी बदल चुकी है की हमें अपने लिए ही वक्त नहीं होता |आज समोसा, पिज्जा ,बर्गर,पेप्सी,चाउमीन मतलब फास्ट फ़ूड हमारे आहार में शामिल हो चूका है तथा नियमित व्यायाम करने का समय भी नहीं बचा है तो यही सब कारण मिलकर मनुष्य को अस्वस्थता की ओर ले जाते है |

चुकी हमारी 90 प्रतिशत बीमारियाँ पेट से उत्पन्न होती है और इन सब बिमारियों का कारण है - हमारी आंते साफ़ ना होना और एलोवेरा में मौजूद सापोनिन और लिग्निन आँतों में जमे मैल को साफ़ करके इनको पौष्टिकता प्रदान करता है | शरीर में किसी भी प्रकार के रोग का होना अन्दुरुनी सिस्टम में गरबरियाँ को दर्शाती है |


एलो मानव शरीर में डोमेक्स का काम करता है , जैसे किचन की नाली जब जाम हो जाती है तो हम नाली में डोमेक्स डालते है और नाली साफ़ हो जाती है और उसी तरह एलो मानव शरीर के अन्दर जाते है आंतो को साफ़ करने का काम शुरू कर देता है | और जैसे जैसे हमारी आंते साफ़ होती है वैसे -वैसे हमें आराम मिलना शुरू हो जाता है | जैसे सूर्य के तेज को हम नाकर नहीं सकते उसी तरह एलो जूस मानव शरीर के अन्दर जाते ही उसे आराम मिले बिना नहीं रह सकता |

इसके नियमित सेवन से आँखों की रौशनी बढती है घुटनों के दर्द , खून साफ़ करने में हकलाने में , दांतों की बिमारियों में पेट की सभी बिमारियों में बालों के झरने में , यादास्त बढ़ाने में वजन कम करने में या बढ़ाने में बहुत फायदा देता है | इसे किसी भी दावा के साथ लिया जा सकता है | इसका किसी भी प्रकार कोई दुष्प्रभाव नहीं है | बच्चे, जवान, बुजुर्ग ( स्त्री-पुरुष) सभी ले सकते है |

अतः एलोवेरा हमें नियमित लेना चाहिए | यह हमारे घर के वैद्य है | अगर कोई बीमार पिएगा तो उसे स्वस्थ्य होने में मदद मिलेगा और कोई स्वस्थ्य व्यक्ति पिएगा तो बीमार ही नहीं होगा |

हजारों लाखों रुपये बीमारी के इलाज में खर्च करने से कई गुना बेहतर है की बीमारी होने के कारण को ही शरीर से बहार निकालने का प्रयास किया जाये | घर बैठे , खाते-पिटे, हँसते-खेलते, बिना कोई ओपरेसन के अपनी व अपने परिजन की समस्त बीमारी के कारणों को आप स्वयं ही समूल नष्ट कर सकते है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Mar 11, 2011

अपेंडिक्स है - एलोवेरा जेल लें ओपरेशन से बचें !


अपेंडिक्स क्या है ? यह छोटी आँतों और बड़ी आँतों के बिच की कड़ी है | इसमें एक छोटी से थैलिनुमा जो शेह्तुत के आकर की होती है जो आँतों से बाहर की ओर निकली रहती है | इसी को अपेंडिक्स कहते है | दरअसल पहले इसके कार्य प्रणाली के बारे में नहीं मालुम था की क्या मनुष्य के लिए अपेंडिक्स जुरुरी है या नहीं | अक्सर चिकित्सक अपेंडिक्स को हटा देने में ही भलाई समझते थे , इससे मरीजो को कोई समस्या नहीं आती है, मतलब यह एक आँतों के बिच में गैरजरूरी चीज समझा जाता था |

परन्तु चिकित्सक ने अपेंडिक्स पर शोध के बाद पाया की यह स्वस्थ्य शरीर के लिए जरुरी भी है | इससे मनुष्य के पाचन प्रणाली के लिए अच्छे वाले बैक्टेरिया को जमा करके रखने वाली थैली है जिससे कारण जब लम्बे समय से रोगों के वजह से जब शरीर के बैक्टेरिया में कमी हो जाती है तो अपेंडिक्स का काम पाचन प्रणाली को सुदृढ़ रखना होता है |


दरअसल अपेंडिक्स की थैली एक ओर से खुली और दुसरे ओर से बंद होती है | छोटी आँतों से बचा हुआ कण अगर उसमे जाकर फंस जाता है और ज्यादा दिनों तक एकत्रित होकर सड़ने-गलने लगते है फिर सुजन हो जाता है जिसके कारण जबरदस्त दर्द मध्य रात्रि के आसपास शुरू होता है जो की कभी तेज कभी धीमा परन्तु लगातार करीब चार घंटे तक होता रहता है |

इसके मुख्य कारण होता है लम्बे समय तक कब्ज़ का रहना , पेट में पलने वाला परजीवी व आँतों के रोग इत्यादि से अपेंडिक्स की नाली में रुकावट आ जाता है |

भोजन में रेशे का न होना या कमी भी इस समस्या के लिए जिम्मेदार होता है | जब यह अपेंडिक्स में लगातार रुकावट की स्थिति बनी रहे तो सुजन और संक्रमण के बाद यह फटने की स्थिति में हो जाती है फिर तो यह बहुत ही भयावह हो सकता है |


इसके लक्षण पेट के दाहिने भाग के निचे अचानक तेज दर्द का होना , उलटी आना, जी मचलाना , जीभ के ऊपर सफ़ेद आवरण का होना , हलकी बुखार का होना | शुरू में अपेंडिक्स का दर्द नाभि के निचे से उठता है और बाद में दाहिने टांग के ऊपर पेट में होता है |

दर्द बहुत बढ़ जाने पर ओपरेशन आवश्यक हो जाता है | यदि यह शुरूआती अवस्था में हो या ऐसे लम्बे अरसे है जिसके दौरान दर्द उठता है फिर चला जाता है, तो पोषक तत्वों व जड़ी बूटी से रोगी को काफी मदद मिल सकती है |

एलो वेरा आधारित जड़ी बूटी के माध्यम से रोगी का इलाज संभव है जो की निचे दी जा रही है :-
1 Aloevera Gel - भोजन के कणों को हटता है और निर्वाशिकरण करके शरीर के पाचन प्रणाली व पौष्टिकता प्रदान करता है !
2 Pomesteen Power - सुजन विरोधी, पीड़ा निवारक है !
3 Bee Propolis - प्राकृतिक एंटी बायोटिक ,
4 Garlic Thyme - एंटी-बायोटिक, मांसपेशी को रहत पहुंचाती है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Feb 17, 2011

मधुमेह एक साइलेंट किलर -------


आइये एक बार फिर से मधुमेह से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में चर्चा करते है | वैसे तो कई तरह की समस्याएं होती है परन्तु चालीस से सत्तर प्रतिशत लोग अपनी टांगे कटवाने को मजबूर होते है | वर्तमान में ये आंकड़ा चौकाने वाली है की विश्व में प्रत्येक 30 सेकेण्ड में कोई न कोई मधुमेह का मरीज अपनी टाँगे गँवा बैठता है | गौरतलब है की डायबिटीज से 85 प्रतिशत अंगविच्छेदन पैरों में जख्म होने की वजह से ही होते है |

मधुमेह के मरीजों में टांग पर ही सबसे बड़ी खतरा रहता है | इसके तीन प्रमुख कारण है :-
1 . डायबिटीज न्यूरोपैथी की वजह से पैरों में संबेदन हीनता !
2 . पैरों में रक्त आपूर्ति घट जाना !
3 . डायबिटिक मरीजों के पैरों के जख्म व संक्रमण तेजी से ठीक नहीं होते कई अन्य जटिलताओं के कारण अधिकतर मरीजों को ऐसे जख्मों को तब तक पता नहीं लग पाता जब तक कि मामला गंभीर न हो जाए !

डायबिटिक फुट अल्सर का आसानी से पता नहीं लगता | बाहर से जख्म जैसा दिखाई देता है | वह तो मामले के एक छोटा हिस्सा होता है, जबकि भीतर संक्रमण कहीं अधिक गहरा होता है | पैरों के नाख़ून ब्लेड से काटना, नंगे पैर चलना,पैरों को काटने वाला जुटे पहनना | ये प्रमुख कारण है जिनसे पैरों में जख्म हो जाते है |


पैरों की साफ़ सफाई नियमित तौर पर नहीं करना भी एक अहम् वजह है | अगर पैरों में जरा सा भी खरोंच व असामान्यता दिखाई दे तो तुरंत उचित कदम उठाएं ! पैरों पर ज्यादा बोझ न पड़ने दे | ऐसा इसलिए कि मरीज को जख्म का एहसास नहीं होता, वह चलता रहता है |

यह स्थिति अक्सर मधुमेह कि दो जटिलताओं कि वजह से होती है |
1 . तंत्रिका क्षति 2 . कमजोर रक्त संचार |
तंत्रिका क्षति :- हाई ब्लडप्रेशर टांगों व पांवों की नसों को नुकसान पहुंचती है | क्षतिग्रस्त शिराओं की वजह रोगी की टांगो व पांवों में दर्द, गर्मी, ठंढ का एहसास नहीं होता | पैरों में सुजन व खरोंच बदतर हो जाती है , क्योंकि संबेदना जाती रहती है | इस अवस्था को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते है | छोटी सी समस्या बड़ी मुसीबत बन जाती है |
2 .ख़राब रक्त संचार :- मधुमेह प्रायः रक्त शिराओं को प्रभावित करता है | टांगो व पांवों में होने वाला रक्तसंचार घट जाता है | जिसमे सुजन या संक्रमण का ठीक होना मुश्किल हो जाता है | मधुमेह का रोगी धुम्रपान करता है तो रक्तसंचार की समस्या बिगड़ जाती है |

मस्तिस्क से सम्बंधित रोग :- 50 से 70 वर्ष की आयु में पक्षघात होने का खतरा आम आदमी से चार गुना अधिक मधुमेह के रोगियों को होता है |

गुर्दे सम्बंधित रोग :- मधुमेह में गुर्दे सम्बंधित रोग टाइप 1 मधुमेह टाइप 2 की तुलना में कहीं ज्यादा होता है | 20 वर्षों तक मधुमेह से पीड़ित रह चुकने के बाद जहाँ टाइप 2 मधुमेह में इस कुप्रभाव के होने की सम्भावना 16 प्रतिशत तक होती है , वहीँ टाइप 1 में सम्भावना 40 प्रतिशत तक रहती है | गुर्दे की पूर्णतया नष्ट हो जाने का मधुमेह दूसरा सबसे आम कारण होता है |

नेत्रों सम्बंधित रोग :- मधुमेह के रोगियों को अंधत्व का खतरा आम व्यक्ति की तुलना में 20 गुना ज्यादा होता है | कम आयु में मोतियाबिंद होने के कारण दृष्टिदोष होने पर मधुमेह सबसे प्रमुख कारण है |

कुछ टिप्स अपने दैनिक जीवन में उपयोग कर मधुमेह पर नियंत्रण की जा सकती है :-------
एलोवेरा जेल अपने दैनिक जीवन में नित्य सेवन करें ताकि इस तरह के रोग से आपके जीवन में घुसपैठ न कर सकें |इससे निदान के लिए और बहुत कुछ है जो हम अगले अंश में चर्चा करेंगे |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !