" "यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बीमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या इलाज के लिए नहीं है , यह उत्पाद सिर्फ और सिर्फ एक पौष्टिक पूरक के रूप में काम करती है !" These products are not intended to diagnose,treat,cure or prevent any diseases.

Mar 19, 2011

एलोवेरा जूस क्यों जरुरी है ?

एलो मात्र एक पौधा नहीं है, मानो कुदरत ने मानव शरीर के कल्याण के लिए विशेष तौर पर इसे धरती पर लाया हो | जितने गुण एलो वेरा में है ,शायद ही किसी और जड़ी-बूटी में एक साथ पाए जाते है | इसलिए इसे औषधियों का महाराजा माना गया है | कई नाम से इसे लोग पुकारते है , कुछ लोग इसे संजीवनी बूटी तो कुछ लोग इसे साइलेंट हीलर, चमत्कारी औषधि आदि भी कहते है |

एलोवेरा का 5000 साल पुराना इतिहास है | पुराने समय में लोग इससे औषधि के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे है | पवित्र ग्रन्थ रामायण, बाइबल और वेदों में भी इस पौधे की उपयोगिता के बारे में चर्चा की गई है | मिस्त्र की महारानी क्लीवपेट्रा से लेकर महात्मा गाँधी तक इसका इस्तेमाल करके फायदा उठा चुके है | वर्तमान में एलो वेरा का उपयोग अनेक प्रकार के आयुर्वेदिक औषधीय में बहुतायत से हो रहा है | कोई भी वैद्य,चिकित्सक, व हाकिम इनके गुणों को नकार नहीं सकता | इसे कई नाम से जाना जाता है , जैसे हिंदी में ग्वारपाठा, क्वारगंदल,घृतकुमारी, कुमारी या फिर घी-ग्वार भी कहते है |



वर्षों के शोध के बाद पता चला की एलोवेरा के 300 प्रकार के होते है | इसमें 284 किस्म के एलो वेरा में 0 से 15 प्रतिशत औषधि गुण होते है |11 प्रकार के पौधे जहरीले होते है बाकि बचे 5 विशेष प्रकार में से एक पौधा है जिसका नाम एलो बारबाडेन्सिस मिलर है जिसमे 100 प्रतिशत औषधि व दवाई दोनों के गुण पाए गए है |

जिस तरह हमारे यहाँ (AIIMS DELHI ) एम्स दिल्ली को सब जानते है ठीक वैसे ही अमेरिका में लाइंस पौलिंग इंस्टीच्युट ऑफ़ साइंस एंड मेडिसिन न केवल अमेरिका में बल्कि सारे संसार में परिचित है | डॉ. लाइंस पौलिंग जिन्हें दो बार नोबिल पुरुस्कार से से नाबजा गया था |



कई वर्षों के शोध के बाद पता लगाया इस विशेष प्रकार के एलो बारबाडेन्सिस में समाहित गुणों के बारे में | फिर फॉर एवर लीविंग प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल के चेयरमान रेक्स मॉन जो की अमेरिकन है उनके सहयोग से एलो वेरा जेल और साथ में कुछ उत्पाद को बाजार में उतारे जो को मानव जाती के लिए चमत्कारी सिद्ध हुए |

एलोवेरा की खास बात यह है की यह अपना आहार वातावरण से लेता है | आज के वातावरण में प्रदुषण ज्यादा है, और एलोवेरा के पत्ते उसे अपने अन्दर सोंख लेता है | पहले के एलो वेरा कुछ हद तक ठीक था क्योंकि पहले हमारे आसपास इतना प्रदुषण नहीं होता था | आसपास इतना प्रदुषण है की हमारे यहाँ के एलोवेरा जेल को पीना स्वस्थ्य के दृष्टीकोण से ठीक नहीं हो सकता है |


ऍफ़.एल.पी 7500 एकड़ जमीन में बिलकुल प्रदूषित रहित तरीके से खेती करके एलो पौधों की फसल तैयार करती है | यहाँ प्रदुषण का इतना ख्याल रखा जाता है की 200 किलोमीटर तक के आसपास के क्षेत्र में कोई पेट्रौल, डीजल वाली गाडी मोटर नहीं चलती और यहाँ तक वहां अन्दर भी जो गाडी वगैरह चलती है, वो बैटरी से चलती है | इस तरह प्रदुषण का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं होता है |

ऍफ़.एल.पी एलोवेरा को ( IASC ) इंटरनेसनल एलो साइंस काउन्सिल से मान्यता प्राप्त सील उत्पाद की शुद्धता और गुणवता को दर्शाती है | 25 -09 -2005 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक आलेख भी छपा था जिसमे एलोवेरा के शुद्धता के लिए सील को अवश्य देख ले | ऐसा एलोवेरा के सम्बन्ध लिखा लेख में लिखा गया था |

इस पौधे की विशेषता यह है की पत्ते को तोड़ने के ठीक तीन घंटे के अन्दर उपयोग कर लेना चाहिए नहीं तो उनमे विद्यमान औषधि + पौष्टिकता के गुण धीरे-धीरे नष्ट हो जाते है | ऍफ़.एल.पी में वैज्ञानिकों की शोध करके इस पौधे के जूस को कुछ जड़ी-बूटी की मदद से इसके जीवन को दो- तिन घंटे से बढाकर चार साल के लिए सुरक्षित कर दिया है |

एलोवेरा जूस कैसे काम करता है ?
एलोवेरा जेल कम से कम 90 -से 120 दिनों के नियमित सेवन से असाध्य कहे जाने वाली बीमारियाँ में लाभ पा सकते है - जैसे Arthritis, Asthma, Diabeties,Heart Problem, High/Low Blood Pressure,Gastric Problem, Constipation, Obesity, Ulcer, Lack of Energy, Thyroid, Kidney Problem, Back Pains, Survical Problem, Parkinson, Colitis, Amoebas, Stress, Tension, Depression, Cholestrol, Pimples, Ladies Problem during pregnancy, Plus all A to Z Problems और तो और Cancer जैसी खतरनाक बीमारी में भी एलो जेल राहत देती है यानि इसके नियमित सेवन से आप हमेशा के लिए तंदुरुस्त रख सकते है |

आप हैरान होंगे की एक एलोवेरा से करीब 220 प्रकार के बीमारियाँ कैसे ठीक हो जाती है ? इससे पहले हम यह जान ले की हमें बीमारियाँ होती क्यों है ? दरअसल हमें जीवित रहने के लिए हवा, पानी और भोजन की आवश्यकत होती है, पहले के समय इसी के सहारे लोग सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता था क्योंकि पहले वातावरण स्वच्छ था लेकिन आज के वातावरण को देखे तो यह तीनो ही चीजें हमें अशुद्ध मिल रही है |

दूसरा आज का खान-पान,हमारी जीवन शैली ,आधुनिकता की दौड़ में इतनी बदल चुकी है की हमें अपने लिए ही वक्त नहीं होता |आज समोसा, पिज्जा ,बर्गर,पेप्सी,चाउमीन मतलब फास्ट फ़ूड हमारे आहार में शामिल हो चूका है तथा नियमित व्यायाम करने का समय भी नहीं बचा है तो यही सब कारण मिलकर मनुष्य को अस्वस्थता की ओर ले जाते है |

चुकी हमारी 90 प्रतिशत बीमारियाँ पेट से उत्पन्न होती है और इन सब बिमारियों का कारण है - हमारी आंते साफ़ ना होना और एलोवेरा में मौजूद सापोनिन और लिग्निन आँतों में जमे मैल को साफ़ करके इनको पौष्टिकता प्रदान करता है | शरीर में किसी भी प्रकार के रोग का होना अन्दुरुनी सिस्टम में गरबरियाँ को दर्शाती है |


एलो मानव शरीर में डोमेक्स का काम करता है , जैसे किचन की नाली जब जाम हो जाती है तो हम नाली में डोमेक्स डालते है और नाली साफ़ हो जाती है और उसी तरह एलो मानव शरीर के अन्दर जाते है आंतो को साफ़ करने का काम शुरू कर देता है | और जैसे जैसे हमारी आंते साफ़ होती है वैसे -वैसे हमें आराम मिलना शुरू हो जाता है | जैसे सूर्य के तेज को हम नाकर नहीं सकते उसी तरह एलो जूस मानव शरीर के अन्दर जाते ही उसे आराम मिले बिना नहीं रह सकता |

इसके नियमित सेवन से आँखों की रौशनी बढती है घुटनों के दर्द , खून साफ़ करने में हकलाने में , दांतों की बिमारियों में पेट की सभी बिमारियों में बालों के झरने में , यादास्त बढ़ाने में वजन कम करने में या बढ़ाने में बहुत फायदा देता है | इसे किसी भी दावा के साथ लिया जा सकता है | इसका किसी भी प्रकार कोई दुष्प्रभाव नहीं है | बच्चे, जवान, बुजुर्ग ( स्त्री-पुरुष) सभी ले सकते है |

अतः एलोवेरा हमें नियमित लेना चाहिए | यह हमारे घर के वैद्य है | अगर कोई बीमार पिएगा तो उसे स्वस्थ्य होने में मदद मिलेगा और कोई स्वस्थ्य व्यक्ति पिएगा तो बीमार ही नहीं होगा |

हजारों लाखों रुपये बीमारी के इलाज में खर्च करने से कई गुना बेहतर है की बीमारी होने के कारण को ही शरीर से बहार निकालने का प्रयास किया जाये | घर बैठे , खाते-पिटे, हँसते-खेलते, बिना कोई ओपरेसन के अपनी व अपने परिजन की समस्त बीमारी के कारणों को आप स्वयं ही समूल नष्ट कर सकते है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

आओ मिलकर होली खेलें- जीवन को खुशियों से भर लें !!

होली महोत्ष्व से पहले यानि की आज होलिका दहन होता होता है | प्रत्येक नगर-गाँव के प्रमुख चौराहों और अतिविशिष्ट स्थानों पर होलिका दहन हर्षो उल्लास से किया जाता है |लोग इसके लिए जलावन का सामग्री इकट्ठा कर शाम के समय उसमे आग लगा देते है और फिर वहां उपस्थिति लोग नाचते गाते हुए उसका परिक्रमा करते है |
होलिका दहन क्यों ?
एक पौराणिक कथा के अनुसार, हिरन्यकश्यप नामक एक राक्षस था | उसे सर्वत्र हिरन्य (कनक) यानि सुवर्ण ही दिखाई देता था | भोग विलास ही उसके जीवन का प्रमुख उद्देश्य था | राक्षस का अर्थ " खाओ, पीओ और मौज करो" वाली मानसिकता का मानव | भोग और स्वार्थ के सिवा उन्हें कुछ भी नहीं दिखाई देता है | स्वयं को भगवन समझने वाला दुसरे भगवन को कैसे स्वीकार करता ?

लेकिन वो कहावत है न - कीचड़ में ही कमल खिलता है और कमल की तरह उसके यहाँ प्रहलाद जैसे भक्त पुत्र का जन्म हुआ | प्रहलाद गर्भ में था तब उसकी माता नारद के आश्रम में रही थी , वहां के संस्कार का असर प्रहलाद पर पड़ा था | परन्तु राक्षसी प्रवृति का पिता यह बात सहन कैसे कर सकता ?

प्रहलाद को मार डालने के लिए अनेक प्रकार के प्रयास किये उनमे से एक प्रयास यह था की उसे जिन्दा जला दिया जाए | प्रहलाद अग्नि में उठकर भागे न इसके लिए उन्होंने बुआ जी के गोद में उसे बिठाया | हिरन्यकश्यप की बहन होलिका को यह वरदान मिला था की अग्नि उसे जला नहीं सकेगी ? अपने भाई के आग्रह से होलिका ने प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का निश्चय किया, परिणाम हुआ की होलिका जलकर भष्म हो गई भक्त प्रहलाद हँसता खेलता बाहर आया | अतः यह हमारे लिए होली का एक अनोखा सन्देश देता है |

अगले दिन यानि की कल होली का त्यौहार जो की रंगों का त्यौहार होता है | रंगोत्सव ( धुलैंडी ) जिसमे लोग एक दुसरे के साथ रंग व अबीर लगाकर खुशियाँ मानते है | वैसे तो फाल्गुन का आना स्वतः मालूम हो जाता है जब प्रकृति में बदलाव होने लगते है | ठंढ कम हो जाता है | पेड़ों पर नए पत्ते आने लगते है | आम के वृक्ष मंजरने लगते है | भंवरों का मडराने जैसे प्रकृति में चारो और मादकता की अनुभूति होने लगता है | मनो जहाँ सारा वातावरण सुगन्धित हो गया हो |


कुल मिलकर कुदरत में भी रौनकता दिखाई देने लगती है , जिससे प्राणियों में भी एक अदृश्य शक्ति का संचार होने लगता है | नए जोश, उमंग के साथ प्राणी होली के महा उत्सव के लिए बिन पिए ही मदमस्त दिखाई देते है |अतः होली के रंग को लेकर कर आने वाला फाल्गुन हमें नवजीवन का सन्देश देता है !एक ओर जहाँ होली सद्विचार,सदमिलन,मित्रता, एकता,भाईचारा का पर्व है , दूसरी ओर इस दिन द्वेष -भाव त्याग कर सबसे सप्रेम मिलने का पर्व के रूप में मनाया जाता है |

आप सबको होली की अनंत शुभकामनाएं !!
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Mar 11, 2011

जापान में जलजला - ब्लैक फ्राइडे - सुनामी का तांडव


जापान में आये महाप्रलय में वहां के फ़्लाइओभर,बड़े बड़े जहाज , गारियाँ सबकुछ तेज लह्डों में तिनको की तरह बहते देखे जा रहे है | महाविनाश की यह लीला देखकर दिल दहल जाता है | सुनामी से उठी समंदर की ऊँची ऊँची लह्डों में वहां के बड़ी बड़ी बिल्डिंग भी बेबस नजर आ रही है | करीब 20-30 फिट ऊँची ऊँची लह्ड़े कई द्वीप का नामोनिशान मिटा सकती है |

इससे पहले जापान में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल किया गया परमाणु बम वाकई इंसानी रूप में सबसे बड़ी त्रासदी थी परन्तु कुदरत का यह महाविनाश उससे भी कई गुना ज्यादा विनाश लेकर आई है |जहाँ सबकुछ तबाह कर दिया है | सूत्रों के मुताबिक तबाही में नुकसान का अंदाजा लगाना अभी मुश्किल काम है |

अमरीकी भौगोलिक सर्वे के मुताबिक़ भूकंप की तीव्रता 8.9 थी और इसका केंद्र टोक्यो से 400 किलोमीटर दूर था | वैज्ञानिकों का कहना है की यह जापान के इतिहास में सबसे बड़ा भूकम्प में से एक है | उसके बाद ही समंदर में भी हलचल शुरू हुई और देखते ही देखते उत्तर पूर्वी जापान के दो शहरों को पूरी तरह से नस्त नाबुत कर दी है |


इस तबाही में मरने वालों की संख्या 1000 लोगों से भी ज्यादा होने की आशंका की जा रही है | टीवी फुटेज देखने के बाद कलेजा कांपने लगा है ! अगर ऐसा कुछ हमारे दिल्ली में आ जाय तो क्या यहाँ कुछ भी बच पायेगा |

सरकार को इस तरह की आपदा के लिए तैयार रहना चाहिए | मंजर इतना भयावह लगता है जिसे देखकर मतलब सोचकर ही कलेजा कांपने लगा है |

जापान जिसे उगते हुए सूरज का देश कहा जाता है , सुनामी का तबाही ने उसे अँधेरे में धकेल दिया है | जापान के कई शहर सुनामी का जलजला में समाते जा रहे थे | सुनामी के ऊँची ऊँची लहड़ के सामने वहां के बिल्डिंग बौने देखे जा रहे थे | सुनामी का सितम जापानी लोगों के लिए अब तक का सबसे बड़ी तबाही में से एक है |



For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

अपेंडिक्स है - एलोवेरा जेल लें ओपरेशन से बचें !


अपेंडिक्स क्या है ? यह छोटी आँतों और बड़ी आँतों के बिच की कड़ी है | इसमें एक छोटी से थैलिनुमा जो शेह्तुत के आकर की होती है जो आँतों से बाहर की ओर निकली रहती है | इसी को अपेंडिक्स कहते है | दरअसल पहले इसके कार्य प्रणाली के बारे में नहीं मालुम था की क्या मनुष्य के लिए अपेंडिक्स जुरुरी है या नहीं | अक्सर चिकित्सक अपेंडिक्स को हटा देने में ही भलाई समझते थे , इससे मरीजो को कोई समस्या नहीं आती है, मतलब यह एक आँतों के बिच में गैरजरूरी चीज समझा जाता था |

परन्तु चिकित्सक ने अपेंडिक्स पर शोध के बाद पाया की यह स्वस्थ्य शरीर के लिए जरुरी भी है | इससे मनुष्य के पाचन प्रणाली के लिए अच्छे वाले बैक्टेरिया को जमा करके रखने वाली थैली है जिससे कारण जब लम्बे समय से रोगों के वजह से जब शरीर के बैक्टेरिया में कमी हो जाती है तो अपेंडिक्स का काम पाचन प्रणाली को सुदृढ़ रखना होता है |


दरअसल अपेंडिक्स की थैली एक ओर से खुली और दुसरे ओर से बंद होती है | छोटी आँतों से बचा हुआ कण अगर उसमे जाकर फंस जाता है और ज्यादा दिनों तक एकत्रित होकर सड़ने-गलने लगते है फिर सुजन हो जाता है जिसके कारण जबरदस्त दर्द मध्य रात्रि के आसपास शुरू होता है जो की कभी तेज कभी धीमा परन्तु लगातार करीब चार घंटे तक होता रहता है |

इसके मुख्य कारण होता है लम्बे समय तक कब्ज़ का रहना , पेट में पलने वाला परजीवी व आँतों के रोग इत्यादि से अपेंडिक्स की नाली में रुकावट आ जाता है |

भोजन में रेशे का न होना या कमी भी इस समस्या के लिए जिम्मेदार होता है | जब यह अपेंडिक्स में लगातार रुकावट की स्थिति बनी रहे तो सुजन और संक्रमण के बाद यह फटने की स्थिति में हो जाती है फिर तो यह बहुत ही भयावह हो सकता है |


इसके लक्षण पेट के दाहिने भाग के निचे अचानक तेज दर्द का होना , उलटी आना, जी मचलाना , जीभ के ऊपर सफ़ेद आवरण का होना , हलकी बुखार का होना | शुरू में अपेंडिक्स का दर्द नाभि के निचे से उठता है और बाद में दाहिने टांग के ऊपर पेट में होता है |

दर्द बहुत बढ़ जाने पर ओपरेशन आवश्यक हो जाता है | यदि यह शुरूआती अवस्था में हो या ऐसे लम्बे अरसे है जिसके दौरान दर्द उठता है फिर चला जाता है, तो पोषक तत्वों व जड़ी बूटी से रोगी को काफी मदद मिल सकती है |

एलो वेरा आधारित जड़ी बूटी के माध्यम से रोगी का इलाज संभव है जो की निचे दी जा रही है :-
1 Aloevera Gel - भोजन के कणों को हटता है और निर्वाशिकरण करके शरीर के पाचन प्रणाली व पौष्टिकता प्रदान करता है !
2 Pomesteen Power - सुजन विरोधी, पीड़ा निवारक है !
3 Bee Propolis - प्राकृतिक एंटी बायोटिक ,
4 Garlic Thyme - एंटी-बायोटिक, मांसपेशी को रहत पहुंचाती है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Mar 10, 2011

एलोवेरा जूस शरीर के लिए अमृत तुल्य - आइये जानते है क्यों ?



आज आपके साथ चर्चा करते है एलो वेरा जूस में समाहित विशिष्ट तत्व जिसके सेवन से मनुष्य के शरीर निरोग रहता है | सुन्दर,चुस्त व दुरुस्त सेहत के लिए मनुष्य अपने दैनिक आहार में इस जूस को शामिल करें | आखिर क्या गुण है एलो वेरा जूस में जो मानव जाती के लिए आज के युग का अमृत तुल्य माना गया है ?

लिग्निन :- एक गुदे जैसा पदार्थ जो एलो वेरा की पत्तियों की जेली में शामिल सेलुलोज के साथ पाया जाता है | इसकी उपस्थिति इस बात का सूचक है की यह मनुष्य की त्वचा में गहराई तक जाने की अत्यधिक क्षमता रखता है |

सैपोनिंस :- इसकी खोज 1951 में एक घटक के रूप में की गई जिसमे एलोवेरा लीफ जूस की मात्रा 2 .91 प्रतिशत शामिल थी | सैपोनिंस ग्लाइकोसाइड्स है जिनमे न केवल आँतों की सफाई करने की क्षमता है बल्कि शैम्पू जैसे कास्मेटिक्स में प्राकृतिक झाग पैदा करने वाले उच्चकोटि के प्राकृतिक साबुन एजेंट भी है |

एन्थ्राक्विनोंस :- अलोइन-कैथोटिक और एमिटिक , बारबैलोइन -एंटीबायोटिक और कैथोरटिक , आइसोबारबैलोइन-एनालजेसीक और एंटीबायोटिक , अन्थ्रानाल , अन्थ्रासिं, अलोईटिक एसिड - एंटीबायोटिक, अलो अमोडीन-बैकटीरिसाइड और लक्झेटिव, सिनैमिक एसिड- जर्मीसाइड और फंगीसाइड, इस्टर ऑफ़ सिनैमिक एसिड- एनालजेसीक और अन अस्थेटिक, इस्टीरियोल आयल - ट्रेकुलाईजिंग , क्रिसोफेनिक एसिड - स्किन फंगस , अलो अल्सिन-गैस्ट्रिक सीक्रेशन रोकता है , रेजिस्टनाल |

मोनो और पॉली सैकेराईड्स :- एल्ड़ोनेन्टोज, सेलुलोज, ग्लूकोज, एल रैमनोज, मैनोज !

अमीनो एसिड :-
आवश्यक अमीनो एसिड - आइसोल्युसिन, ल्युसिन, लाइसिन, मैथीओनिन, फेनिल लोनीन,थियोंइम, वैलिन

सेकेंडरी :- एलोनिं, आज़िरनीन,एस्पार्टिक एसिड, ग्लुटामिक एसिड , ग्लिसरीन, हिस्टीडाइन, हाइड्रोक्सीप्रोलाइन्स, प्रोलाइन , प्रोलाइन, सेरिन, टाइरोसीन !
इनआर्गनिक / इन्ग्रेडिएन्ट्स/मिनरल्स :- कैल्सियम, फास्फोरस,पोटैशियम,आयरन,सोडियम,क्लोरिन,मैंगनीज, मैंग्नेशियम,कापर, क्रोमियम, जिंक !

विटामिन्स :- विटा ए-कैरोटिन , विटा बी-उत्तकों में वृद्धि, रक्त और उर्जा उत्पन्न करता है ! विटा सी- कीटाणुओं को रोकने, घाव भरने और स्वस्थ्य त्वचा के निर्माण में सहायक होता है ! विटा एम्- रक्त निर्माण में सहायक , नियान्सिमेंनाइड- मेटाबोलिज्म का नियंत्रक ! कोलाइन - मेटाबोलिज्म में सहायक !

एन्जाइम :- फास्फेट - एमाइलेज, ब्रैडीकाइनेज- इम्यून बिल्डिंग , कैटालेज - तंत्र में पानी संग्रह की सुरक्षा , सेलुलोज - सेलुलोज डाइजेशन, क्रिएटिव फास्फो काइनेज - मस्कुलर एन्जाइम , लाइपेज- पाचन, न्युक्लियोटाईडेज, अल्केलाइन फोस्फेट, प्रोटिएज- प्रोटीन को उनके संघटक तत्वों में हाइड्रोलाइज करता है !

अतः इन्हीं सब उपरोक्त विशिस्ट गुणों के कारण एलो वेरा जूस वर्तमान में तहलका मचा दिया है | वह चाहे किसी भी प्रकार के रोग हो उसमे अचूक साबित हो रही है | यहाँ तक की प्राकृतिक चिकित्सा में एलो वेरा जूस कब्ज़ से लेकर कैंसर तक के मरीजों के लिए एक अत्यंत लाभकारी औषधि है | नित्य नियमित एलो वेरा जूस का सेवन मनुष्य जीवन के लिए काया कल्प कर देती है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Feb 17, 2011

मधुमेह एक साइलेंट किलर -------


आइये एक बार फिर से मधुमेह से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में चर्चा करते है | वैसे तो कई तरह की समस्याएं होती है परन्तु चालीस से सत्तर प्रतिशत लोग अपनी टांगे कटवाने को मजबूर होते है | वर्तमान में ये आंकड़ा चौकाने वाली है की विश्व में प्रत्येक 30 सेकेण्ड में कोई न कोई मधुमेह का मरीज अपनी टाँगे गँवा बैठता है | गौरतलब है की डायबिटीज से 85 प्रतिशत अंगविच्छेदन पैरों में जख्म होने की वजह से ही होते है |

मधुमेह के मरीजों में टांग पर ही सबसे बड़ी खतरा रहता है | इसके तीन प्रमुख कारण है :-
1 . डायबिटीज न्यूरोपैथी की वजह से पैरों में संबेदन हीनता !
2 . पैरों में रक्त आपूर्ति घट जाना !
3 . डायबिटिक मरीजों के पैरों के जख्म व संक्रमण तेजी से ठीक नहीं होते कई अन्य जटिलताओं के कारण अधिकतर मरीजों को ऐसे जख्मों को तब तक पता नहीं लग पाता जब तक कि मामला गंभीर न हो जाए !

डायबिटिक फुट अल्सर का आसानी से पता नहीं लगता | बाहर से जख्म जैसा दिखाई देता है | वह तो मामले के एक छोटा हिस्सा होता है, जबकि भीतर संक्रमण कहीं अधिक गहरा होता है | पैरों के नाख़ून ब्लेड से काटना, नंगे पैर चलना,पैरों को काटने वाला जुटे पहनना | ये प्रमुख कारण है जिनसे पैरों में जख्म हो जाते है |


पैरों की साफ़ सफाई नियमित तौर पर नहीं करना भी एक अहम् वजह है | अगर पैरों में जरा सा भी खरोंच व असामान्यता दिखाई दे तो तुरंत उचित कदम उठाएं ! पैरों पर ज्यादा बोझ न पड़ने दे | ऐसा इसलिए कि मरीज को जख्म का एहसास नहीं होता, वह चलता रहता है |

यह स्थिति अक्सर मधुमेह कि दो जटिलताओं कि वजह से होती है |
1 . तंत्रिका क्षति 2 . कमजोर रक्त संचार |
तंत्रिका क्षति :- हाई ब्लडप्रेशर टांगों व पांवों की नसों को नुकसान पहुंचती है | क्षतिग्रस्त शिराओं की वजह रोगी की टांगो व पांवों में दर्द, गर्मी, ठंढ का एहसास नहीं होता | पैरों में सुजन व खरोंच बदतर हो जाती है , क्योंकि संबेदना जाती रहती है | इस अवस्था को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते है | छोटी सी समस्या बड़ी मुसीबत बन जाती है |
2 .ख़राब रक्त संचार :- मधुमेह प्रायः रक्त शिराओं को प्रभावित करता है | टांगो व पांवों में होने वाला रक्तसंचार घट जाता है | जिसमे सुजन या संक्रमण का ठीक होना मुश्किल हो जाता है | मधुमेह का रोगी धुम्रपान करता है तो रक्तसंचार की समस्या बिगड़ जाती है |

मस्तिस्क से सम्बंधित रोग :- 50 से 70 वर्ष की आयु में पक्षघात होने का खतरा आम आदमी से चार गुना अधिक मधुमेह के रोगियों को होता है |

गुर्दे सम्बंधित रोग :- मधुमेह में गुर्दे सम्बंधित रोग टाइप 1 मधुमेह टाइप 2 की तुलना में कहीं ज्यादा होता है | 20 वर्षों तक मधुमेह से पीड़ित रह चुकने के बाद जहाँ टाइप 2 मधुमेह में इस कुप्रभाव के होने की सम्भावना 16 प्रतिशत तक होती है , वहीँ टाइप 1 में सम्भावना 40 प्रतिशत तक रहती है | गुर्दे की पूर्णतया नष्ट हो जाने का मधुमेह दूसरा सबसे आम कारण होता है |

नेत्रों सम्बंधित रोग :- मधुमेह के रोगियों को अंधत्व का खतरा आम व्यक्ति की तुलना में 20 गुना ज्यादा होता है | कम आयु में मोतियाबिंद होने के कारण दृष्टिदोष होने पर मधुमेह सबसे प्रमुख कारण है |

कुछ टिप्स अपने दैनिक जीवन में उपयोग कर मधुमेह पर नियंत्रण की जा सकती है :-------
एलोवेरा जेल अपने दैनिक जीवन में नित्य सेवन करें ताकि इस तरह के रोग से आपके जीवन में घुसपैठ न कर सकें |इससे निदान के लिए और बहुत कुछ है जो हम अगले अंश में चर्चा करेंगे |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Feb 14, 2011

स्वस्थ्य जीवन के लिए जीवन शैली में परिवर्तन करें |

आज भी बिमारी मनुष्य के सामने ठीक उसी प्रकार के है जैसे की प्राचीन काल में थे, पर बिमारियों का स्वरूप बदल गया है |बाहरी तौर पर हम अच्छे खासे हष्ट-पुष्ट नजर आते है , तब मालूम पड़ता है बहुत खुशहाल है |परन्तु अन्दुरुनी हालात बहुत कुछ ठीक नहीं होता है | भिन्न-भिन्न प्रकार के बिमारियों से ग्रसित होते है | आज कल का जीवन शैली लोगो को घुट-घट कर मरने के सिवा और कुछ नहीं दे सकता है |

आदते इतनी वाहियात हो गई है कि उसने अपने कुल्हारी से अपनी ही टांगे काट डाला है | उसने अपनी सेहत को इतनी बुरी तरह से तबाह कर डाला है, जैसे की दुनिया में आज से पहले इतनी बुरी सेहत हुई नहीं थी | बीमारियाँ इस कदर दुनिया में फैली हुई है , उतनी बीमारियाँ तो दुनिया के मानचित्र पर , जबसे मनुष्य इस धरती पर पैदा हुआ है, तब से लेकर आजतक नहीं थी | आदमी वर्तमान में इतना कमजोर,बीमार,दुर्बल, रोगी और खोखला हो गया है की इतिहास में ऐसा कभी नहीं था | क्या यह सब मानव सभ्यता के विकाश के कारण है या उनकी बेअक्क्ली ? जरा सोंचे !

मानव शारीर प्रकृति कि एक अनमोल संरचना है | शरीर का विज्ञानं इतना जटिल है, जिस पर सदियों से सम्पूर्ण दुनिया के चिकित्सक शोध कर रहे है | इन्सान चाँद पर तो पैर रख दिए है लेकिन शरीर के विज्ञानं के विषय में केवल कुछ अंश भी समझ पाया है | शरीर की तंदुरुस्ती व आयु से जुड़े विज्ञानं को हम आयुर्विज्ञान अर्थात आयुर्वेद कहते है तथा इससे बने इलाज को आज दुनिया के तमाम बड़े-बड़े देश अपना रहे है |


इन्सान की जिन बिमारियों का इलाज आज की आधुनिक एलोपैथी चिकित्सा में नहीं हो पता, उन्ही लाइलाज बिमारियों का पक्का इलाज आयुर्वेदिक नुस्खों वाली दवाइयों से हो जाता है , जिसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव यानि की side effect भीं नहीं होता, जबकि आज की आधुनिक एलोपैथी चिकित्सा से मनुष्य के रोग थोड़े समय के लिए दब जरुर जाते है लेकिन उसके साथ कई और समस्याएं पैदा हो जाती है | आयुर्वेदिक इलाज में ऐसा नहीं होता क्यूंकि यह इलाज रोग व कमजोरियों को हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर देता है |

डायबिटीज को ही अगर लेते है तो वो डॉक्टर जो मरीजों को डायबिटीज के बारे में सलाह देते है , कई खुद रोगी होते है | ऐसा एक डॉक्टर से मैं मिल भी चूका हूँ | करीब पाँच साल से वो टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित है | ऐसा नहीं है की उन्होंने अपना इलाज नहीं कर रहा है परन्तु डायबिटीज की गोलिया बढ़ रही है और ज्यादा कुछ फायदा नहीं हो रहा है |


इस तरह के बिमारियों से बचने के लिए सिर्फ जीवन शैली में परिवर्तन की जरुरत है | अपने शिक्षक स्वयं बने | बीमारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी अर्जित करें जो हमेशा ही फायदेमंद साबित होगा | एक जागरूक मरीज ही अपना इलाज पूरी तरह से करबायेगा या हिम्मत अंत तक बनाए रखे |

इस तरह से लाइलाज समझे जाने वाली बीमारियाँ के लिए कारगर औषधियों पर कई शोध हो चुके है | कुछ आयुर्वेदिक वनौषधियों का नाम प्रयोग करके यह देखा गया है की लाइलाज बिमारियों पर इस प्रयोग करने से बहुत ही फायदेमंद हुआ है | ऐसे ही वनौषधियों में से एक है ' एलोवेरा " | यह शरीर के लिए अमृत तुल्य है | हरेक तरह के बीमारियों में इसका प्रयोग फायदेमंद होता है |


For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Feb 6, 2011

नजरिया को बदले - नज़ारे बदल जायेंगे ! जुड़ें एफएलपी के साथ


फरबरी महीने की पहले दिन हिमगिरी एक्स्रेस हादसा बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण था | किस तरह ट्रेन के ऊपर बैठे लोगों के जिस्म मुली, गाजर के तरह चीथड़े-चीथड़े हो गए | चश्मदीद के अनुसार करीब 35 से 40 लोग काल के ग्रास में समा गए | आखिर क्या है उनके अकाल मृत्यु के कारण ? कौन जिम्मेदार है ? विचार करने योग्य प्रश्न है |

सरकारी तंत्र की लापवाही का आलम तो देखिये सैकड़ों लोग ट्रेन के छत पर बैठ गए | रेलवे पुलिश क्या वहां ट्रेन के छत पर बैठे लोगों के तमाशा देख रहे थे | क्या रेलवे पुलिश ट्रेन में बैठे लोगों को परेशान करने के लिए भर्ती हुई है ? जहाँ सरीफ लोग मिले नहीं की टिकट के नाम पर वसूली चालू करते नजर आते है | खचाखच भड़ी बोगी व छत पर बैठे लोगों को नियंत्रण किया जा सकता था लेकिन उनके बाप का क्या गया ? न जाने कितने घरो के चिराग बुझ गए परन्तु हमारे नेता लोग इस हादसे पर भी अपनी राजनीती स्वार्थ सिद्धि के अलावा कुछ नहीं किया ?

इस घटना से एक और बात उजागर हुआ है बेरोजगारी | बेरोजगारी का आलम यह है की आईटीबीपी में ट्रेडमैन की भर्ती के लिए जहाँ लाखों लोगों ने आवेदन किये थे,जबकि सिर्फ सैकड़ों लोगों को भर्ती करना था | यह बहुत ही विकट समस्या है |

सरकारी नौकरियां के ग्राफ दिन व दिन घटता ही जा रहा है | यही वजह है लोग आजकल किसी राज्य सरकार में चपरासी और माली की पद पर भर्ती के लिए भी लम्बी कतार लग जाती है | सवाल यह नहीं की सरकारी नौकरियों के लिए लम्बी कतार लगाकर लोग खरे हो जाते है इसमें अहम् बात यह है की इस तरह के पद के लिए भी उम्मीदवारों में ढेर सारे एमबीए और एमसीए होते है |


यक़ीनन बढती हुई आवादी इसके प्रमुख कारण में से एक है, परन्तु हालत इतनी ख़राब नहीं हुई है की माली व चपरासी के लिए इंजीनियर्स या मेनेजर्स आवेदन करें |वैसे भी हमारे मन में हमेशा से सरकारी नौकरियों के प्रति अलग भाव रहा है | सरकारी नौकरी के लिए कुछ भी कर गुजरने की प्रयास हमारी मानसिकता है | यहाँ तक की लोग यह भी भूल जाते है की शिक्षा के अनुसार जिसके लिए वो पढ़ाई की है उस तरह के पद के लिए ही आवेदन करें |

इसके अलावा उनके गार्जियन इस तरह के उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए मोटी मोटी फ़ीस भरी थी | प्रतियोगिता से भरे आज के दौर में आने वाली कठिनाइयों को सब बखूबी जानते है | एक ओर जहाँ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के वाबजूद उनके पसंद के मुताबिक नौकरी नहीं मिल पाती है ,दूसरी ओर एमबीए पास आउट विद्यार्थी प्राईवेट बैंक में क्रेडिट कार्ड बनाते नजर आते है | बेरोजगारी की बेबसी को तो हमसब जानते है , लेकिन क्या ऐसा नहीं हो सकता की हमसब सरकारी नौकरी का कोई विकल्प को तलाशे ?

सरकारी नौकरी को सोने के अंडे देने वाली मुर्गी न समझे न ही इसे लौटरी के रूप में देखें | क्यों नहीं हम सेल्फ इम्प्लोय्मेंट की बात सोचते है ? शायद हम खुद के काम को किसी हारे हुए खिलाडी की मज़बूरी की तरह देखते है | ऐसा बिलकुल भी नहीं है , खुद का काम किसी भी तरह से कमतर नहीं है | यह आपकी आत्म संतुष्टि की पहचान है |


जरुरत है पुराने मानसिकता में परिवर्तन की -------- आइये आप फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट्स में हमारे साथ जुड़ें और जिन्दगी के सारे सपने को साकार करे | यहाँ आप वो सबकुछ पा सकते है जिसकी आपको तलाश है | सिर्फ कुछ महीनो में अपनी कीमती समय को लगाकर , मेहनत और इमानदारी के साथ जीवन को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना सकते है |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Feb 2, 2011

दिल को रखें दुरुस्त - एलोवेरा जेल से !


आज एक बार फिर से आइये चर्चा करते है ह्रदय सम्बंधित समस्याएं और निदान ? दुनिया भर ह्रदय रोगियों की संख्या गुणात्मक रूप से वृद्धि हो रही है | चिंता की बात यह है की ह्रदय घात यानि दिल का दौरा का औसतन आयु सिमट कर 40 और 30 के बिच हो गई है | जिस रफ़्तार से यह घटती जा रही है न जाने आगे क्या होगा ? कहना बहुत ही मुश्किल है परन्तु यह बहुत ही भयावह तस्वीर बनती जा रही है |

भारतीय युवाओं में खासकर यह बिमारी दुनिया के देशों से दोगुनी है | विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में वर्तमान में ह्रदय रोगीओं की संख्या लगभग पाँच करोड़ है और यह आंकड़ा दोगुना हो जायगा जब दुनिया के साठ प्रतिशत ह्रदय रोगी भारतीय होंगे |


युवाओं में यह बीमारियाँ बढ़ने के प्रमुख कारण आज का जीवनशैली को जाता है | भागमभाग व तनाव ग्रस्त जीवन जीने को मजबूर है | प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं का ध्यान अपनी सेहत पर कम और कमाने पर ज्यदा होता है |

ख़राब दिनचर्या, खानपान में समुचित मात्रा में पोषक तत्व की कमी भी प्रमुख कारन है | रही सही कसर पश्चात् शैली के खान-पान जैसे पिज्जा,बर्गर,नुडल, पेस्ट्री,डिब्बा बंद खाना, कोल्ड ड्रिंक, ज्यूस इत्यादि पूरा कर देती है | सोने व जागने का समय बिलकुल ठीक नहीं है लोग सोने के समय पर जागते है और जागने के समय पर सोते है जिससे शरीर में कई प्रकार की समस्याएं आ जाती है |

लेकिन ह्रदय रोग लाइलाज समस्या बिलकुल भी नहीं है | परन्तु अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह यदि रोगी को यह प्रारम्भिक अवस्था में पता चल जाय तो इससे मुक्ति पाने में आसानी हो जाता है | अतः ह्रदय सम्बंधित रोग के बारे में जांच कर उचित इलाज जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए |

आप सब जानते है की ह्रदय रोग का प्रमुख कारण है "कोलेस्ट्रोल" | परन्तु सच तो यह है की कोलेस्ट्रोल नहीं है ,बल्कि मुख्य कारण है रक्त नलिकाओं की सूजन ( inlflammation of blood vessels ) है | अतः हमें कोलेस्ट्रोल के वजाय धमनियों की सूजन के कारण को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरुरत है |

सभी कोलेस्ट्रोल ख़राब नहीं होते है | HDL ( high density lipoproteins ) कोलेस्ट्रोल फायदेमंद होता है और इसकी अधिक मात्रा हमारे लिए फायदेमंद होता है, लेकिन LDL ( low density lipoproteins ) कोलेस्ट्रोल हमारे लिए हानिकारक होता है | LDL कोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवार की भीतरी सतह पर जमा होकर प्लाक ( plaque ) बनाता है और उन्हें संकरा कर देता है | इसके साथ आने वाला HDL कोलेस्ट्रोल तो वास्तव में धमनियों में सफाई का काम करता है |


रक्त नलिकाओं के सूजन के लिए सिर्फ LDL कोलेस्ट्रोल ही जिम्मेदार नहीं होता है | इसके लिए होमोसिस्टीन तथा धुम्रपान, उच्च रक्त चाप , वसायुक्त भोजन और डायबिटिज से उत्पन्न होने वाले स्वतंत्र तत्व ( free radicals ) भी जिम्मेदार होते है |

अतः स्वतंत्र तत्व को प्रभाव को समाप्त करने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा एंटी ओक्सिडेंट का सेवन करें | जिससे की शारीर में अनचाहे मेहमान जो की free radicals के रूप में है वह सब समाप्त हो जायेगा | और आपका धमनी बिलकुल दुरुस्त हो जायेगा |

जीवन शैली में परिवर्तन लाकर इन जोखिम को कम किया जा सकता है | हरी सब्जियां व फल का ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल करें जिसमे विटामिन बी-6 ,सी, मग्नेशियम व भरपूर मात्रा में एंटी ओक्सिडेंट फ्लेवोनायडस और कैरोटेनायड्स हो |


ह्रदय रोगी को अक्सर कम वसा, कम कार्बोहायड्रेट और कम प्रोटीन का आहार लेना फायदेमंद होगा | सेब,अनार का जूस, आंवले का मुरब्बा ह्रदय को ताकत देता है और ये ह्रदय को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते है |
प्याज और लहसुन से कोलेस्ट्रोल का स्तर घटते है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करते है |

कैरोटेनायड्स एंटी ओक्सिडेंट के लिए टमाटर का सेवन करें जिसमे लायकोपिन का भंडार होता है | जो की दिल को सही से चलाने में सहायता करता है |

करौंदा में पॉलीफेनोलिक एंटी ओक्सिडेंट होते है जो रक्त संचार को सुचारू करते है | अनाज, अखरोट, अलसी के बिज, बादाम, सोयाबीन ये सब कोलेस्ट्रोल के अलावा ट्रीग्लिसेरायड्स स्तर को भी घटते है | इसमें रक्त के थक्के जमने की आशंका काफी कम हो जाती है |


इन प्रकृति उपचार के अलावा सेहतमंद जीवन जीने के लिए नियमित परहेज से रहना, नियमित शारीरिक व्यायाम करना और डॉक्टरों से नियमित पूर्वक जांच भी कराते रहना चाहिए |

वैसे फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट के पास इसमें अचूक उत्पाद है जिसके माध्यम से ह्रदय सम्बंधित किसी भी परेशानी से मुक्त हो सकते है जो की निचे दी जा रही है
Aloe Vera Gel , Garlic Thyme , Artic Sea Omega - 3 , Pomesteen Power इत्यादि इसका सेवन चार से छह महीने करने के बाद किसी भी प्रकार के धमनियों का सूजन पर नियंत्रिती की जा सकती है | अतः ह्रदय रोग से मुक्त पाने के लिए उपरोक्त एलोवेरा के उत्पाद अपने जीवन में शामिल अवश्य करें और जीवन को खुशहाल बनाए |

For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !