कार्टिलेज के निर्माण की प्रक्रिया में ग्लुकोसामिन एक महत्वपूर्ण तत्व है | यह एक सामान्य सी अमीनो शर्करा ( Amino Sugar ) होती है जो प्रोटोग्लाइकन ( Protoeoglycans ) बनाती है | ये प्रोटोग्लाइकन हमारे कार्टिलेज में लचीलापन लाते है | दर्द निबारक दवाएं और एस्प्रिन सिर्फ दर्द निबारक का कार्य करती है पर इसके विपरीत ग्लुकोसामिन कार्टिलेज को बनाने का काम करती है |
दुनिया भर में रिसर्च के बाद पता चला की ग्लुकोसामिन लेने से न सिर्फ दर्द और सुजन से आराम होता है बल्कि कार्टिलेज को होने वाली नुकसान भी रुक जाती है | इससे भी उत्साहवर्धक बात यह सामने आई की जोड़ों में नई कार्टिलेज बनानी शुरू हो जाती है |
इस प्रकार इस विषय पर होने वाले सारे शोध अध्ययन में पाया गया की आर्थराइटिस के वे सभी रोगी, जो 1500 से 2000 मिली ग्राम ग्लुकोसमिन सल्फेट लेते है , तो इन्हें जबरदस्त फायदा होता है और खास बात यह है की किसी प्रकार का कोई दुष्परिणाम भी नहीं होता है | सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है की जब इन मरीजों ने ग्लुकोसमिन लेना बंद कर दिया, उसके बाद भी महीनो तक उनके जोड़ो में दर्द नहीं हुआ |
जहाँ तक बाजार की दबाएँ है, जो अक्सर Gastrointestinal bleeding और लीवर को नुकसान पहुंचाती है और बिमारी को बढ़ने से बिलकुल नहीं रोक पाती है | यहाँ तक की कई मामलो में तो और भी बढ़ा देती है, फिर भी पूरी दुनिया में क्यूँ इतनी मात्रा में खाई जाती है ? पर वर्तमान में ख़ुशी की बात है की काफी डाक्टर अपने रोगियों को ग्लुकोसामिन सल्फेट दे रहे है |
अब आपको जानकार और भी ख़ुशी होगी की हमारे पास ऐसा उत्पाद है जिसके अन्दर ग्लुकोसमिन सल्फेट के अलावा कोंड्रोयटिन सल्फेट , एम्.एस.एम् ( मेथेल-सल्फोनिल-मीथेन ), विटामिन-सी इत्यादि सब के सब एक ही बोतल में बंद है !
इस उत्पाद का नाम है
फॉर एवर फ्रीडम ! जी हाँ इसका साफ-साफ मतलब होता है जोड़ो के दर्द से सदा के लिए आजादी !
फॉर एवर फ्रीडम :-
दर्द से राहत देने, सुजन में कमी व सिनोवायल द्रव में सुधर करने, कार्टिलेज की हिफाजत करने और उसे नया जीवन प्रदान करने के अलावा जोड़ो के लचीलेपन और गतिशीलता को बढाता है ! 70 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को हर दिन 100 एम्.एल से 120 एम्.एल तक रोजाना सुबह के नाश्ते और रात के भोजन के पश्चात् लेना चाहिए !
भोजन के तुरंत बाद लेने से पेट में हो सकने वाली हलकी जलन की सम्भावना खत्म हो जाती है ! एक से दो महीने में दर्द से राहत नजर आने लगेगा, मगर यह इस पर निर्भर है की क्षति कितनी और किस तरह की है ! इसके अलावा फॉर एवर फ्रीडम में एलो वेरा जेल, संतरे का रस कंसन्ट्रेट, विटामिन-सी और विटामिन-ई का उच्च प्रतिशत होता है !
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
विगत तिन दिन पहले यानि 12 अक्टूबर वर्ल्ड आर्थराइटिस दिवस के रूप में मनाया जाता है | आर्थराइटिस के नाम से मन में जोड़ों के दर्द के बारे में खौफनाक ख्याल उभरने लगते है | एक पुरानी कहावत के अनुसार आप दो चीजों पर पूरा भरोसा कर सकते है, ये आना लगभग तय है मतलब अवश्य आएँगी | एक जन्म और मृत्यु | पर वर्तमान मानसिक पटल पर एक और चीज चित्रित हो रही है जिन्हें अवश्य जोड़ देनी चाहिए जिसका नाम है "आर्थराइटिस" |
वर्तमान में छोटे उम्र यहाँ तक की बच्चों में यह बिमारी बड़े पैमाने पर अपना पैठ बना लिया है | जबकि कुछ दशक पहले यह सिर्फ 50 के बाद ही जोड़ों में दर्द की शिकायत मिला करता था | परन्तु अब तो यह 25 -30 साल में जैसे आम हो गया है |
एक सर्वे के अनुसार हमारे यहाँ भारत में हर पांच में से एक भारतीय किसी न किसी आयु वर्ग में आर्थराइटिस से पीड़ित है | और ऐसे में इस की भयावहता को लेकर चिंता करना की कहीं मैं भी इसका शिकार न बन जाऊं और आशंकित हो भी क्यूँ न? क्यूंकि सर्वे तो साफ़ साफ़ बता रहा है की हर पांच में से एक व्यक्ति पीड़ित हो सकता है |
सुबह उठने पर जोड़ों में दर्द, हलकी सुजन और अकड़न वर्तमान में यह सबसे ज्यादा मरीजों में पाई जाती है | इसका शिकार कोई भी हो सकता है, वो स्त्री हो या पुरुष , शरीर के किसी भी जोड़े में हो सकती है, यहाँ तक की गर्दन और कमर के निचले हिस्से में भी | यह बिमारी बढ़ जाने से काफी असहनीय तकलीफ , दर्द और यहाँ तक की विकलांग भी बना सकता है |
आर्थराइटिस
आमतौर पर जोड़ों के कार्टिलेज के क्षय की बिमारी है | पर यह जोड़ की उपरी सतह और हड्डी के अंदर भी असर दाल सकती है | इस बिमारी से कार्टिलेज घिसने लगता है और हड्डी पद दबाव पड़ने लगता है | हड्डी पर अतिरिक्त दबाव के कारण हड्डी का घनत्व बढ़ने लगती है |
अपने कभी सुना होगा की उसने घुटना बदलवाया है क्यूंकि उसकी हड्डी पर हड्डी आ गई है | इसी को वैज्ञनिक भाषा में जोड़ो में कार्टिलेज का एकदम खत्म हो गई है ऐसा माना जाता है | यह बिमारी आमतौर पर वजन उठाने वाले जोड़ों,घुटने और कुल्हे के जोड़ों में ज्यादा होती है और वजन बढ़ने , ज्यादा काम करने, चोट लगने के कारण बढती जाती है |
आर्थराइटिस का पारंपरिक उपचार :-
रोगीओं को आमतौर पर डाक्टर एस्प्रिन और बिना स्टीरियोइड की एंटी इन्फ्लेमेट्री दवाएं दे दी जाती है | ये दवाएं जोड़ों के दर्द और सुजन से तो कुछ देर के लिए राहत दिला देती है परन्तु इनके गंभीर दुष्परिणाम होते है |
पेट का अल्सर, और पाचन तंत्र में रक्त-स्त्राव इसी के दुष्प्रभाव का परिणाम है | सबसे बड़ी सम्स्य यह है की ये दवाएं सिर्फ कुछ समय के लिए दर्द कम करती है और बिमारी के मूल कारण को बिलकुल असर नहीं करती |
एलोवेरा और उसके कुछ विश्वसनीय उत्पाद है, जो जोड़ों के दर्द से बिलकुल छुटकारा दिला सकता है , जो की निचे दी जा रही है :-
1 . एलोवेरा जेल
2 . पोमेस्टीन पॉवर
3 . फोरेवर फ्रीडम
4 . गार्लिक थाइम
5 . हीट लोसन और एम्.एस.एम्जेल :- सुजन वाले स्थान पर दोनों को मिलाकर मालिश करना चाहिए |

अतः आर्थराइटिस दिवस के अवसर पर आइयें हम सब मिलकर इस खौफनाक रोगों से डटकर मुकाबला करें |
आहार विहार और नियमित घुटनों का व्यायाम करने से इस रोग से उत्पन्न दर्द को कम किया जा सकता है | परन्तु उपरोक्त उत्पाद के नियमित चार से छः महीने तक सेवन से इससे पूरी तरह से छुटकारा पाया जा सकता है |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
जय माता दी ! जय माता दी ! जय माता दी ! जय माता दी ! जय माता दी !
आज नवरात्र का पहला दिन था | कार्यालय में भी माहौल भक्तिमय व पवित्र लग रहा था | एक दुसरे से नमस्कार और गुड मोर्निंग के वजाय " जय माता दी" कहकर दिन का शुरुआत किया | एक बात यह की ज्यादातर लोग आज उपवास में थे |
कुछ पहला और आखिरी तो कुछ नौ दिन के लिए उपवास का संकल्प लिया हुआ था | मैं आपसे जो ख़ास बात करने जा रहा हु यह है उपवास के विधि विधान यानि तौर तरीका | उपवास के दौरान लोग का किस तरह का आहार विहार होना चाहिए और क्या आज के भक्त आहार में ले रहे है | आज यही चर्चा का विषय है |
दरअसल समय के साथ-साथ व्रत रखने का विधि-विधान, तौर तरीका भी बदल गया है | व्रत के दौरान जहाँ तक कुछ दशक पहले हम जब अपने गाँव में रहते थे, याद आता है बचपन में जब कोई व्रत रखते थे | बड़ी ही मुश्किल की घडी हुआ करता था | हमें पानी तक पिने नहीं दिया जाता था | अगर प्यास लगी तो पानी के साथ चीनी और निम्बू का मिश्रण जरुरी है | मतलब सदा पानी नहीं पी सकते वर्ना व्रत टूट जाएगी |
किन्तु वर्तमान में हालत पे गौर करें तो भक्त गन बड़े ही चाव से वो दिन भर सब कुछ खाते पीते नजर आते है | शीतल पेय हो चाय पे चाय और फल बगैरह दिन भर खाते रहते है |
विगत कुछ वर्षों में बड़े बड़े रेस्तरां में भी व्रत के नाम की थाली परोसने लगी है | अगर कभी थाली का
स्वाद ले तो पता चलेगा की उस थाली का खाना दो लोगो के लिए पर्याप्त है | अगर एक व्यक्ति ने उस थाली का खाना खा लिया तो उन्हें रात के भी खाना खाने की जरुरत नहीं हो सकता है |
चुकी उस थाली में रोटी , दाल, पनीर की सब्जी , मिठाई, इत्यादि भरपूर मात्रा में होता है, जो की वर्तमान के हमारे माता के भक्त लंच समय में अपना उदर का भूख मिटाते है |
हमारे एक मित्र है जो पुरे नौ दिन का उपवास रखते है | किन्तु आज देखा तो बड़ा ही आश्चर्य लगा | उनका लंच बॉक्स पहले के अपेक्षा एक बॉक्स ज्यादा था | मैंने पूछा भाई साहब ये क्या आज व्रत में नहीं हो क्या ? बोला हाँ भाई व्रत का ही तो खाना है |
मैंने कहा क्या ? यह व्रत का खाना है- यार ये तो आपने पहले से एक लंच बॉक्स ज्यादा लाया हुआ है | बोला यार व्रत में तस्मय ;यानि खीर भी जरुरी है | कुटू के आंते की रोटी, आलू की सब्जी सेंधा नमक के साथ, दही, मीठा आलू , खीर आदि ये सब व्रत का खाना है | मैंने कहा भाई कमाल है अगर सामान्य दिन के अपेक्षा ज्यादा और स्वच्छ खाना मिले तो ऐसे व्रत रोज करना चाहिए |
दरअसल उपवास के दौरान अक्सर हमारे पाचन तंत्र सक्रीय नहीं रहता है | अतः इस अवधि में हमें तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए | पानी खूब पीना चाहिए , जिससे आपके आंत की सफाई हो जाएगी और आप चुस्त और दुरुस्त हो जायेंगे | वो कहाबत है न की अगर आंत और दांत स्वथ्य है तो शरीर स्वतः स्वस्थ्य होंगे |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
सौन्दर्य
या सुन्दरता वह बला है जिसका उपासक हर जीव है ,हर प्राणी है, सौन्दर्य प्रकृति से जुड़ा हुआ प्राकृतिक भी हो सकता है, और भौतिकता से जुड़ा हुआ भौतिक भी हो सकता है | यह सृष्टि प्राकृतिक सौन्दर्य की अदभुत मिशाल है और इस सृष्टी में रचित हर वस्तु सुन्दरता से परिपूर्ण है |
व्रह्मा ने इस सृष्टि की रचना की और फिर इस सृष्टि के सृजन के लिए स्त्री-पुरुष दो प्राणियों ( नर-मादा) की रचना की, जिनका शारीरिक गठन,बोली अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखती है | जिस प्रकार ऋतुओं की सुन्दरता, हरियाली, वृक्षों में खिले हुए फूलों और फूलों से उठती मंद-मंद खुशबुओं, बादलों की काली घटाओं, हल्के-हल्के चलती पवन आदि से आभास होती है और हमें आकर्षित करती है, ठीक इसी प्रकार ही ब्रह्मा की खुबसूरत रचना स्त्री की सुन्दरता भी उसके मधुर, मीठी वाणी, नम्रता, स्नेह,कोमलता, व्यवहार कुशलता, लज्जा-शर्म-हया,सम्मान देने वाली आँखों व स्वाभाव से आभास होती है |
शारीरिक सौन्दर्य (आकर्षण) तो स्त्री में होती ही है किन्तु जब यह सौन्दर्य व्यवहार से भी छलकता है तो वह स्त्री एक सम्पूर्ण सौन्दर्य की प्रतिक मानी जाती है | आँखों को जो भाता है वह सुन्दर है परन्तु मन और आत्मा को भाता है व तृप्त करता है वह अति सौन्दर्य का प्रतिक है व सौन्दर्य की गरिमा अच्छे व्यवहार से ही स्थायी रहती है |
स्त्री का समस्त और पूर्णरूप से सुन्दर होना जिसमे आंतरिक व बाहरी, शारीरिक व मानसिक रूप से भी स्वस्थ व सुन्दर होना ही स्त्री सम्पूर्णता को दर्शाता है | मन मस्तिस्क से जब व्यक्ति पुर्णतः स्वस्थ होते है, तनाव रहित रहते है व अपने समस्त क्रियाकलापों को तन्मयता से पूर्ण करने में सक्षम होते है यही स्त्री की सर्वांग व सम्पूर्णता है |
आज के जीवन शैली में तनाव जीवन का एक अभिन्न अंग बनता जा रहा है | हर एक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से तनावपूर्ण जिन्दगी जीने को मजबूर है | प्रमुख कारण आधुनिक जीवन का आहार - विहार है | परन्तु दिनचर्या व स्वस्थ आहार-विहार को अपने जीवन में अपना कर एक स्वस्थ व खुशहाल जीवन जिया जा सकता है | एक और जरुरी बाते है , अगर हलकी-फुलकी व्यायाम नित्य करती रहे तो जीवन और भी स्वस्थ और सुन्दर रखने में मदद मिलेगी |
एक और उपाय है स्त्री अपने आप को स्वस्थ व सौन्दर्य को बनाए रखने के लिए घृतकुमारी के जूस
का नित्य सेवन करें | जिससे शरीर में दुर्बलता, अपचन, चक्कर आना, पेट के विकार, हाथ-पाँव में जलन या झुनझुनाहट होना मानसिक रूप से अस्वस्थ आदि कई लक्ष्ण का पूर्ण निदान हो सकता है |
अतः घृतकुमारी ( एलोवेरा ) का नियमित रूप से अपने जीवन में अपनाए और बिमारी को दूर भगाए |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
मानव शरीर इश्वर की आश्चर्यजनक -रहस्यमय रचना है | लेकिन यह मानव शरीर विभिन्न प्रकार के दुखों से भरा पड़ा है | उनमे से एक है गर्दन या कंधे में दर्द या कड़ापन | गर्दन का दर्द कोई जानलेवा बिमारी नहीं है परन्तु अत्यंत तकलीफ देह जरुर है | गर्दन की तीव्र वेदना और जकड़न के कारण रोगी अपना सर हिलाने-डुलाने में भी असमर्थ हो जाता है |
आमतौर पर यह रोग 30 वर्ष की उम्र से शुरू होता है और 40 वर्ष की उम्र के लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर देता है | 65 वर्ष के आसपास या उसके उपर तो दो तिहाई लोगों को किसी न किसी रूप में प्रभावित करता है |
मेरुदंड यानि ( स्पाइनल कॉर्ड ) रीढ़ की हड्डी में उत्पन्न विकार ही गर्दन, कन्धा, पीठ तथा कमर दर्द का प्रमुख कारण है | मेरुदंड की सबसे उपरी हिस्से यानि की गर्दन के क्षेत्र की मनकों में जब कोई विकृति आ जाती है तो गले या कन्धों में दर्द होता है इसी को सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस यानि की गर्दन की ओस्टीरियोआर्थीराइटिस ( गर्दन की गठिया) कहा जाता है |
इसके कई कारण होते है :-
> यदि गलत ढंग से बैठते है , लम्बे समय तक सर झुका कर काम करते है, सोते समय सिर के निचे मोटा तकिया लगाते है तो इस रोग की शिकायत हो सकती है |
> यदि आप ऐसा कम करते जिससे रीढ़ की हड्डी पर दबाब पड़ता है तो रीढ़ की लचक समाप्त होने से यह विकृति उत्पन्न हो सकती है |
> जन्मजात स्पाइनल केनाल यानि मेरुनाली का संकरा होना भी इस रोग की वजह बन सकता है |
> इनके अतिरिक्त मोटापा, वृद्धावस्था, संक्रमण, रयूमेटाइड रोग, तनाव आदि कारणों से भी सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस रोग की उत्पति हो सकती है |
बचाव के उपाय :-
जो लोग इस रोग से पीड़ित है और जो पीड़ित नहीं भी है उन्हें भी, निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए :-
> सोते समय बहुत पतला तकिया लगाए ! जो गर्दन के दर्द से पीड़ित हो वो तकिया ना लगाए ! सदा सख्त तख़्त पर सोयें , गद्दा मोटा नहीं होना चाहिए |
> लेटकर किताब न पढ़े, काम करते समय या लिखते समय गर्दन को अधिक न झुकाय, न अधिक समय तक गर्दन झुकाकर बैठे !
> ऐसा वाहन से सफ़र न करें जिससे शरीर को तेजी के साथ झटका लगे, चिंता और तनाव से बचकर रहे !
आप गर्दन के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज़ भी करा सकते है :-
1 . Aloe Vera Gel :- पाचन मार्ग को साफ़ करता है , उद्दीपन प्रतिरोधी
2. Forever Freedom :- दर्द से राहत , कार्टिलेज का पुनर्निर्माण,साइनोवायल द्रव का पुनरुत्पादन, उद्दीपन विरोधी |
3. Pomesteen Power :- गठिया प्रतिरोधी, उद्दीपन प्रतिरोधी |
4. Garlic Thyme :- मांसपेशियों को आराम करता है |
उपरोक्त लिखित उत्पाद का सेवन 4 से 6 महीने तक करें और गर्दन के अति कष्टदायक रोग से मुक्ति पाए |
एलोपैथिक चिकित्सा में इस रोग का उपचार प्रारंभिक अवस्था में गर्दन व कंधे की सिंकाई और मालिश के साथ फिजियोथेरैपी यानि गर्दन के व्यायाम के जरिये रोग पर काबू पाया जाता है , इसके अतिरिक्त रोगी के गले में एक कालर लगाईं जाती है जिसे सर्वाइकल कालर कहा जाता है | इस उपाय से गर्दन की हलचल यानि गति कम हो जाती है | गर्दन का हिलना- डुलना कम होने से इस रोग के कारण गर्दन में होने वाले और हाथ तक फैलने वाले दर्द से छुटकारा मिल जाता है |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
रूप और सौन्दर्य दोनों ही मानव के अभीष्ट है | जिनकी ओर मनुष्य स्वाभावतः आकर्षित होता है, मुग्ध होता है | किन्तु उन सब साधनों व बातों से अनभिग्य रहता है की जो उसके रूप सौन्दर्य को स्थायित्व देते है, उसकी काया सदा जवान बनाए रखते है, सही मायने में वे साधन जो उनका कायाकल्प करते है | बढती हुई उम्र को वृद्धावस्था को पुनः यौवन की ओर ले जाते है |
यदि वर्तमान युग की बात करे, तो युवक-युवतियां दोनों ही अपने सौन्दर्य व अपनी काया को सुन्दर कोमल-सुदृढ़ बनाए रखने में प्रयासरत तो है लेकिन मात्र कोस्मेटिक के सहारे जिसका कुछ ही समय बाद दुष्प्रभाव उजागर होने लगता है |कोस्मेटिक से सौन्दर्य प्राप्त करना कोई स्थायी विकल्प नहीं है हाँ, यह हमारे रूप लावण्य, त्वचा, बालों, आँखों इत्यादि को कुरूप बनाने का तो जरुर स्थायी विकल्प हो सकता है |
कायकल्प का मतलब सिर्फ बाहरी तौर पर नवीन बनाना नहीं है बल्कि इसका आशय है तन और मन को बहार से और अन्दर से पुर्णतः
स्वस्थ्य-सुदृढ़ और सुन्दर बनाना | अपने अन्दर बढती उम्र के अनुसार उत्पन्न होती कमजोरी को, थकावट, आलस्य, रोग-विकार, आदि कई रोगों को नष्ट कर अपनी बढती उम्र को वहीँ विराम देकर पुनः नवीनता की ओर अग्रसर करना |
अतः अपने सौन्दर्य व कायाकल्प की देखरेख में आपके संतुलित सात्विक आहार-विहार से लेकर शारीरिक व्यायाम आवश्यक है और इन सबके लिए अत्यधिक आवाश्यक है आपका प्रकृति से जुड़ना |
क्यूंकि हमारा शरीर प्रकृति से मिलकर बना है, अग्नि, वायु,मिटटी,आकाश,पानी अतः हमारी देखभाल भी इन्ही पंचतत्वों के उत्पन्न पदार्थों से ही संभव है, न ही कोस्मेटिक व कैमिकल्स डालकर बनाए गए क्रीम,लोशन और जेल इत्यादि से |
शारीरिक सौन्दर्य व आंतरिक सौन्दर्य यानि ( उदर,यकृत,किडनी,आँतों, ह्रदय की स्वस्थ्यता ) को लम्बे समय तक कायम व सुचारू रखने के लिए आवश्यक है- संतुलित एवं पौष्टिक आहार | कृत्रिम सौन्दर्य प्रसाधनो से प्राप्त सौन्दर्य कृत्रिम ही रहता है स्थायी नहीं |
कायकल्प में आहार की भूमिका :- भोजन में कार्बोहाईड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन, शर्करा और खनिज लवण आदि पोषक तत्वों का समावेश शारीरिक सौन्दर्य के लिए आवश्यक है |
शारीरिक -मानसिक स्वास्थ्य सौन्दर्य को द्रिघकाल तक स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन बहुत आवश्यक है | संतुलित एवं सात्विक और संयमित भोजन का नियमित सेवन और सकारात्म्ल सोच, शारीरिक स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य के लिए प्रार्थमिक आवश्यकता है |
शरीर में आवश्यक जल, रक्त तथा अन्य पोषक तत्वों की मात्र बनाए रखने के लिए भोजन में फल-सब्जियों का भरपूर सेवन करना चाहिए |
प्राकृतिक चिकित्सा में दूषित तत्वों को शरीर से निष्कासित किया जाता है,प्राकृतिक चिकित्सा में किसी औषधि का सेवन नहीं कराया जाता, फल, जूस व सब्जियां के माध्यम से पाचन क्रिया को तीव्र की जा सकती है, जिससे मॉल विसर्जन नियमित रूप से होता रहता है | इस प्रकार शरीर विभिन्न रोगों से मुक्त रहता है |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
कार्यालय की व्यस्तता के वजह से आज मैं काफी दिनों के बाद आपके सामने आ रहा हूँ | मस्तिष्क में एक साथ कई विचारों का टकराव चल रहा है | एक तरफ ज्वलंत विषय जैसे राष्ट्रमंडल खेल तो दूसरी और जम्मू कश्मीर की समस्या | और भी कई ऐसे विचार मन में उभर के आ रहा है परन्तु सबसे खुसी की बात यह है की दुनिया भर की थुक्क्म पैजार और घोटाले पर घोटाले की खुलासे के बाद अंततः राष्ट्र की गौरव राष्ट्र मंडल खेल की शुरुआत होने जा रही है | राहत की बात यह भी है की हामारे यहाँ करीब करीब दुनिया के सारे खिलाड़ी आ रहे है, जो की पहले मना कर दिए थे |
इन सब के लिए जिम्मेदार रहा अपने ही देश की मिडिया, जिन्होंने सम्पूर्ण संसार में अपने देश का नाम पर जी भर के कीचड़ उछाला | राष्ट्र मंडल खेल से सम्बंधित अगर कोई खबर कहीं छपी है तो भ्रष्टाचार, बैमानी,दुर्घटना, बदहाल सड़के,पुल इत्यादि | पर क्या इतने पड़े पैमाने पर जो आयोजन है इसमें कोई अच्छाईयां भी होगी या नहीं ?
लेकिन कहीं भी मिडिया ने उसे सुर्खियाँ में नहीं लाया | तो क्या मिडिया की दायित्व सिर्फ गलत और भ्रष्ट बातें ही आम लोगों में परोसने का है | देश की अच्छी तस्वीर भी है और हम अपने देश पर गर्व करते है, राष्ट्रमंडल खेल का सिर्फ हिस्सा ही नहीं बल्कि दुनिया को दिखा देंगे की इस तरह के आयोजन को सही और स्वस्थ्य तरीके से सम्पन्न कराने के लिए देश बिल्कुल समर्थ है |
खैर ये तो रहा स्वस्थ्य मानसिकता वाली बाते जो हमेशा लोगों में होनी ही चाहिए |
साकारत्मक सोच से आप को सही मार्गदर्शन मिलती है | नाकारात्मक सोच लोगों में पेशानियाँ,बीमारियाँ जैसे मानसिक रोगी, रक्तचाप,ह्रदय रोग पैदा करती है | क्यूँ नहीं हम हमेशा एक अच्छी सोच के साथ दिनों की शुरुआत करें ,ताकि दिन का अंत भी खुशहाल एवं सुखद हो |
आज के प्रतिस्पर्धात्मक व तीव्र गति के आधुनिक जीवन शैली में "स्वस्थ्य ही धन है", जैसे शब्द का कोई मायने नहीं रह गया है | जीवन का आपाधापी भागमभाग, विकृत आहार विहार और पाश्चात शैली इत्यादि में लोगों को समय तालिका ही बिगार दिया है | आजकल तो लोग जागने के समय पर सोते है और सोने के समय पर जागते है | इससे क्या स्वस्थ्य मानसिक का विकाश संभव है ? कदापि नहीं , अगर ताउम्र हम स्वस्थ्य जीवन जीना चाहते है, तो हमें अपने जीवन शैली में सुधर लाना चाहिए |
इन्हीं सबके कारण आज कल आमतौर पर लोगों में गंभीर माने जाने वाले रोग का संक्रमण हो रहे है | छोटे उम्र में चश्मा, बालों में सफेदी,मधुमेह, घुटनों में दर्द आदि देखा गया है | बच्चों में भी आजकल तनाव का माहौल है |इसके कई कारण है , इसके लेकिन आज के मुख्य कारण है अकेला परिवार जहाँ दिन भर बच्चे अकेले घर में रहते है उनके माता-पिता काम पर चले जाते है | फिर अपने आप को अकेला महशुस कर बच्चे धीरे-धीरे तनाव में रहने लगते है | और बाद में कई समस्या बच्चों को बिमारी के रूप में घेर लेती है |
दिनचर्या में आप आजके सबसे प्रसिद्द आयुर्वेदिक औषधि एलो वेरा का जूस का नियमित सेवन करें और अपने बच्चों को बिट्स न पिचेज
जरुर दें और देखें फर्क सिर्फ कुछ ही महीनो में बच्चे की सारी समस्या स्वतः समूल नष्ट हो जायेंगे | बच्चों के लिए खासकर अमृत है बिट्स न पिचेज |
इस उत्पाद के सेवन से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकाश होंगे और मंद बुद्धि बच्चों लिए तो ये मस्तिस्क का खुराक जैसा काम करेगा यानि सर्वश्रेष्ट उत्पाद है | इस उत्पाद का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है | अतः अपने घर में एलो वेरा जूस और बिट्स न पिचेज लाये और घर को स्वस्थ्य बनाए |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
पेट में दर्द होना एक आम समस्या है ,जिससे लगभग सभी व्यक्तियों को जीवन में अनेक बार सामना करना पड़ता है | इनके कारण अनेक तथा अलग हो सकते है , किन्तु फिर भी पेट के किसी भी भाग में व स्थान में दर्द को सामान्यतः हम "पेट दर्द" के नाम से ही संबोधित करते है | तत्पश्चात यदि चिकित्सक के पास जाने की आवश्यकता पड़ जाय तो तो वो निदान कर के बताते है कि पेट दर्द किस कारण से हो रहा है और उसे फिर रोग विशेष का नाम देकर उपचार प्रारंभ करते है |
जैसे की गेस्ट्राईटिस, हायपर एसिडिटी, अपेंडीसाईटिस, कोलाइटिस, या अल्सरेटिव कोलाइटिस इत्यादि | कई बार ऐसा देखा गया है कि अचानक पेट में असहनीय दर्द के मरे व्यक्ति तड़पने व छटपटाने लगता है | अनेक बार वायु का गोला सा उठता है और कई बार ऐठन , मरोड़, सुई या शूल चुभने जैसा, आरी से काटने जैसी स्थिति हो जाती है | कभी कभी पेट में अफारा आकर पेट को ढोल की तरह फुल जाता है और ऐसा लगता है मनो पेट फटने वाला है , ऐसी हालात में पेट में तेज दर्द होने लगता है|
अब हम इनके प्रमुख कारणों पर गौर करेंगे : - पेट दर्द के अनेकों कारण हो सकते है | पेट अवस्थित अंगों में अन्न नलिका, आमाशय, ग्रहणी, छोटी आंत, बड़ी आंत, अपेंडिक्स, मलाशय, लीवर, तिल्ली, दोनों गुर्दे, मूत्र नलिका ( Ureter ) पेनक्रियाज, पिताश्य ( Gall bladder ),तथा स्त्रियों में गर्भाशय एवं अंडाशय ( दोनों ओवरीज ) प्रमुख है
इन अंगों में से किसी भी अंग में विकार होने से पेट में दर्द हो सकता है | किन्तु दर्द का स्थान और दर्द की प्रकृति भीं-भिन्न प्रकार से महसूस की जाती है | कब्ज़-गैस बनाना, अपच या अजीर्ण तथा कीड़े पेट दर्द के प्रमुख कारण माने जाते है |
आमतौर पर पेट दर्द का कारण हमारे खाने-पिने की विकृत होने से सम्बंधित ही होता है | व्यस्त जीवन शैली, जंक फ़ूड आजकल का सबसे प्रमुख आहार हो गया है | गरिष्ठ भोजन जो की वायु बनता है, उसका सेवन अधिक मात्रा में करना, ठंढा-बासी खाना, तेल-,मिर्च मसालेदार पदार्थों का अत्यधिक सेवन, पेट में गैस बनाना , कब्ज़ रहना,आमाशय -गृहणी अथवा आँतों में अल्सर, हायपर एसिडिटी, आँतों में सुजन भोजन के तत्काल बाद सो जाना, भोजन के तत्काल ही भागना, कूदना, फंदना , कोई विषाक्त पदार्थ खा लेना इत्यादि अनेक कारण से पेट में तेज दर्द हो सकता है |
घरेलु उपचार :- अब जैसे ही पेट दर्द की शिकायत कोई व्यक्ति अपने घर में करता है तो उसे तत्काल घरेलु उपचार कर उसे ठीक करने की कोशिस की जाती है | उस वक्त सिवाय इसके की क्या खाया-पिया था, पेट दर्द की वास्तविक जानकारी के बगैर अपनी समझ से घर पर मौजूद सुबिधाओं जैसे सोंठ, मेथीदान, काला नमक, अजवायन इत्यादि का प्रयोग आमतौर पर किया जाता है | प्रार्थमिक उपचार के तौर पर यह एक विशिष्ट औषधि माना जाता है | फिर भी अगर दर्द में लाभ नहीं मिल रहा हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाना ही बुद्धिमानी है |
पर अगर आपके घर में एलो वेरा जेल है तो आपके घर का समझिये वो खुद ही वैद्य है | एलो वेरा भारत में सदियों से लोकप्रिय है और इसे कई नाम से जाना जाता है जैसे कोरफड, कुमारी, घी कंवार, ग्वार पाठा, घृत कुमार, केतकी इत्यादि | एलो वेरा का सबसे अधिक चिक्तिसीय व औषधीय गुणों के भण्डार वाले पौधा बार्बाड़ेंसिस मिलर का ही प्रयोग करते है |
एलो वेरा में मौजूद लिग्निन और सेपोनिन प्राकृतिक तरीके से आपके पेट के अन्दर की आंत को अच्छी तरह से सफाई कर देते है |
जब आपके पाचन प्रणाली का टाक्सिन निकल जाता है तो आप अन्दर और बाहर दोनों रूप से स्वस्थ्य हो जाते है | अतः एलो वेरा आपके घर का वैद्य है जब तक आपके पास है आपको प्रार्थमिक चिकित्सा की शायद आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी |
aloe vera gel
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !
एलो वेरा नेक्टर में है हमारे एलो वेरा जेल में पाए जाने वाले सभी पोषक घटक साथ ही, इसमें है क्रेनबेरी और एपल के अतिरिक्त पोषक गुण क्रेनबैरिज इतनी गुणकारी क्यों है? अपने मीठे स्वाद और मूत्रमार्ग को साफ करने के अपने अनोखे गुण के अलावा, क्रेनबैरिज में है विटामिन सी, यह पिक्नोजिनाल का भी एक उत्तम प्राकृतिक स्त्रोत है, जो ऐसा शक्तिशाली एंटीओक्सीडेंट है , जिसे कोलाजेन बनाए में सहायता मिलती है |
कोलाजेन इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?
कोलाजेन का निर्माण शरीर के टिश्यु सैल्स, मसूड़ों,रक्तवाहिनियों,हड्डियों और दांतों के विकाश तथा मरम्मत के लिए अत्यावश्यक है | इतना ही नहीं, कोलाजेन एक ऐसा ग्लू है, जो वास्तव में पुरे शरीर को एक साथ जोड़े रखता है |
एलो बेरी नेक्टर:- इसमें क्रेनबेरी के जूस के अलावा एपल जूस भी मौजूद है | एपल जूस में मौजूद विटामिन ए और सी के अलावा पोटाशियम और पक्तिं भी होता है | यही नहीं, एपल्स में किसी भी अन्य फल या सब्जी के मुकाबले फास्फेट की मात्रा कहीं ज्यादा होती है |
आइये अब जानते है विटामिन सी इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?
सबसे पहले तो यह समझ ले की हमारा शरीर विटामिन सी को शरीर में संग्रह नहीं रख सकता, इसलिए आपको हर दिन 200 से 400 मी.ग्रा. विटामिन सी लेना बहुत जरुरी है | कुछ स्त्रोत के अनुसार हर दिन 500 मी.ग्रा.विटामिन सी लेने की सिफारिस की जाती है |
हमारी रोगप्रतिकारक प्रणाली को मजबूत बनाने, फ्री रेडिकल्स से लड़ने और
ह्रदय तथा आँखों के स्वास्थ्य के लिए हर दिन विटामिन सी लेना जरुरी है | यह कोई साधारण बात नहीं !
फास्फेट और विटामिन ए क्यों इतने आवश्यक है ?
लायनस पोलिन इंस्टीच्युट के अनुसार फॉस्फेट एक ऐसा अत्यावश्यक मिनरल है, जो शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली की हर कोशिका के लिए जरुरी है साथ ही, हमारी रोगप्रतिकारक प्रणाली के सामान्य रूप से काम करने के लिए भी विटामिन ए जरुरी है |
उप्रोत्क्त जानकारी के उपरांत ये बात तो आपको समझ में आ गई होगी की - क्यों एलो बेरी नेक्टर हर दिन लेना चाहिए ? हमें एलो बेरी नेक्टर पिने के असली कारणों को नहीं भूलना चाहिए ------ जो स्टेबीलाइज्ड एलो जेल है !
अब सबाल यह है की एलो वेरा जेल इतना क्यों महत्वपूर्ण है?
अपने प्राकृतिक रूप से तैयार होने वाले विटामिन्स और मिनरल्स एक साथ, एलो वेरा हमारी रोगप्रतिकारक प्रणाली और पाचन प्रणाली को प्राकृतिक रूप से सहायता करता है | एलो वेरा जेल में शामिल है :- विटामिन ए , बी 1 ,बी 2 ,बी 6 ,बी 12 , सी, ई, फालिक एसिड और निआसिन- ऐसे सभी विटामिन, जो हमारा शरीर तैयार नहीं कर सकता, तो एलो बेरी नेक्टर पीजिये और शरीर की रोगप्रतिकारक प्रणाली को शक्तिशाली बनाइये.... प्राकृतिक रूप से !
एलो बेरी नेक्टर कैल्सियम,सोडियम,आयरन, पोटाशियम,क्रोमियम,मैग्नेशियम,मेंग्निज,कॉपर,और जिंक भी उपलब्ध कराता है, है न मिनरल्स का खजाना ! शरीर को अपने सुडौल-स्वस्थ आकार में बनाए रखने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है? आपकी त्वचा इन पोषक तत्वों का भौपुर इस्तेमाल करेगी, जिनमे है भरपूर एंटीओक्सीडेंट क्षमता आपके शरीर को हर दिन पोषक तत्वों की जरुरत पड़ती है
आपके शरीर के टिश्यु,सैल्स,मसूड़े, रक्तवाहिनियाँ,हड्डियाँ और दांत भी आपका शुक्रिया अदा करेंगे | तो चलिए , इस पोषक तत्वों के एक ही खजाने से चुनिए अनेक फायदे के लिए !
उपयोग करने का निर्देश :-
हर दिन, दिन में एक या दो बार सुबह सबसे पहले और रात को सोने से पहले पीना न भूलें..... बशर्ते आप रात का खाना जल्द खा लेते हों, ग्लास में डालने से पहले इसे अच्छी तरह हिलाएं | एक बार सील तोड़ने के बाद हमेशा इसे रेफ्रिजरेटर में रखें | एक बिना खुला डिब्बा आप चार साल तक रख सकते है और खोलने के बाद रेफ्रिजरेटर में रखा डिब्बा आपको 3 महीने के भीतर इस्तेमाल करना होगा |
For Aloe Vera products Join Forever Living Products for free as a Independent Distributor and get Aloe Vera products at wholesale rates! (BUY DIRECT AND SAVE UP TO 30%)To join FLP team you will need my Distributor ID (Sponsor ID) 910-001-720841.or contact us- admin@aloe-veragel.com
एलोवेरा के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप यहाँ यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !